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लखनऊ में जीका वायरस से संक्रमित केस मिलने पर 400 मीटर के दायरे में होगी जांच
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लखनऊ। राजधानी में जीका वायरस के जहां, जहां केस मिले हैं या मिलेंगे, वहां 400 मीटर के दायरे में कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इस दायरे में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग के साथ ही लक्षण वाले लोगों के नमूने लेगी। मरीज के घर के बाहर बैरिकेडिंग भी की जाएगी। मरीज को पूरी तरह आइसोलेशन में रहना होगा। इसके साथ ही जिले में आठ अस्पतालों में जीका पीड़ितों के लिए वार्ड आरक्षित होंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र की सीएचसी में 25-25 लोगों की टीमें बनाई गई हैं, जो गांव-गांव जाकर स्क्रीनिंग व बुखार के मरीजों के नमूने लेंगी।
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने इसको लेकर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों संग बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में जोनवार सर्विलांस टीमें लगाकर घर-घर विशेषकर गर्भवती महिलाओं व लक्षण वाले लोगों की जांच की जाए। सर्विलांस टीमें रोजाना शाम 5 बजे ब्रीफिंग देंगी। इसके बाद रोजाना शाम 6 बजे जिलाधिकारी शिविर कार्यालय में मुख्य चिकित्साधिकारी टीमों की प्रतिदिन की रिपोर्ट के साथ बैठक में उपस्थित होंगे। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि इस महामारी से बचाव के लिए आपने घरों में साफ -सफाई रखें। कही भी पानी जमा नहीं होने दें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। उधर, सीएमओ डॉ.मनोज ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने लालकुआं, हुसैनगंज व कृष्णानगर में कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। एक मरीज मिलने पर कंटेनमेंट जोन में करीब सौ लोगों की टीम पहले दिन 400 मीटर दायरे में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग व नमूने ले रही है। दूसरे दिन एक किमी दायरे में जांच कराई जाएगी। टीमों की निगरानी के लिए नोडल अफसर बनाए गए हैं।
बुखार आने वालों पर रहेगी नजर
सीएमओ ने बताया कि जीका के मरीजों को तलाशने के लिए टीमें हर घर जाकर बुखार आने वाले मरीजों के नमूने लेंगी। इसमें उन मरीजों को संदिग्ध की श्रेणी में रखा जाएगा, जिनकी डेेंगू, टायफाइड व मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। सभी टीमों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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ऐसे हो सकता है जीका का प्रसार
संक्रमित मच्छरों के काटने के अलावा संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने या फिर रक्त के आदान-प्रदान से भी यह संक्रमण हो सकता है। जीका के लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं और ज्यादातर लोगों में ये इतने हल्के होते हैं कि उन पर किसी का ध्यान नहीं जाता। जीका के गंभीर संक्रमण के कारण मस्तिष्क और आंखों को गंभीर क्षति हो सकती है।
राजस्थान, केरल व विदेश से आने वालों की ऐसे होगी निगरानी
प्रशासन ने जीका वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राजस्थान, केरल व विदेश से आने वालों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। यहां के लोगों की सूची बनाई जाएगी। एयरपोर्ट पर इसकी निगरानी सुबह 8 से रात 8 बजे तक डिप्टी कलेक्टर सविता शुक्ला व रात 8 से सुबह 8 बजे तक अपर नगर मजिस्ट्रेट-6 अजय पांडेय करेंगे। वहीं चारबाग रेलवे स्टेशन पर दिन में अपर नगर मजिस्ट्रेट-7 मो.कमर व रात में जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरनाथ यति की निगरानी में कार्य होगा।
सीडीओ की अध्यक्षता में बनी टीम
जिलाधिकारी ने सीडीओ अश्विनी पांडेय की अध्यक्षता में डेंगू व जीका वायरस से बचाव के लिए चलने वाले अभियान की निगरानी के लिए समिति गठित की है। इस समिति में एडीएम पूर्वी केपी सिंह, अपर नगर आयुक्त अभय पांडेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.केपी त्रिपाठी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.मिलिंद वर्धन व डीपीएम सतीश यादव सदस्य होंगे।
हेल्पलाइन से ले सकते हैं मदद
जिलाधिकारी के मुताबिक, जीका को लेकर इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर में हेल्पलाइन बनाई गई है। इसमें जीका संक्रमण के बारे में रोगी व उनके तीमारदार इलाज, बचाव संबंधी जानकारी ले सकेंगे।
0522-4523000 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके ले सकेंगे।
500 सुपर सर्विलांस टीमें बनीं
सीएमओ के मुताबिक, जीका मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच के लिए 500 सुपर सर्विलांस टीमें बनाई गई हैं। कंटेनमेंट जोन में 100 सर्विलांस टीमें सुबह 8 बजे से शाम 4:30 बजे तक काम करेंगी।
अब 118 बेड रिजर्व
जीका वायरस के मरीजों को अस्पतालों में आसानी से इलाज मिल सके इसके लिए शनिवार को बेड की तादाद बढ़ा दी गई है। आठ बड़े अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 118 बेड जीका के लिए रिजर्व किए गए हैं। बड़े अस्पतालों में दस-दस बेड रिजर्व किए गए हैं। महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्ड होंगे। इसके अलावा शहर व ग्रामीण इलाकों की 19 सीएचसी पर दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं। लोहिया संस्थान, केजीएमयू व पीजीआई गंभीर मरीजों को भर्ती करेंगे।
ये व्यवस्थाएं होंगी
- जीका कंटेनमेंट जोन में सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम 4 बजे से 6 बजे तक फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाएगा। जिन इलाकों में गाड़ी नहीं जा पाएगी वहां साइकिल से छिड़काव होगा।
- प्रत्येक सीएचसी पर कम से कम एक रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) की नियुक्ति होगी।
- निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाएगा।
- प्रत्येक सीएचसी पर 25-25 टीमें लगाई जाएंगी। प्रत्येक टीम में आशा, आंगनबाड़ी, सिविल डिफेंस और हुसैनाबाद ट्रस्ट के कर्मियों को लगाया जाएगा।
- रेलवे स्टेशन बस स्टॉप में भी बाहर से आने वाले लोगों की सूची बनाई जाएगी। ताकि मॉनिटरिंग की जा सके। कैंट एरिया में आर्मी कमांड सेंटर से भी बाहर से आने वाले लोगों की सूची मंगाई जाएगी।
- प्रमुख अस्पतालों, पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटरों में भी फॉगिंग, सैनिटाइज़ेशन व एंटी लार्वा का रोजाना छिड़काव होगा।
- जीका वायरस के लक्षण व उनसे बचाव के उपाय केलिए जागरूक करने वाले 40 होर्डिंग नगर निगम व जिला स्वास्थ्य समिति लगवाएगी।
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जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने इसको लेकर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों संग बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में जोनवार सर्विलांस टीमें लगाकर घर-घर विशेषकर गर्भवती महिलाओं व लक्षण वाले लोगों की जांच की जाए। सर्विलांस टीमें रोजाना शाम 5 बजे ब्रीफिंग देंगी। इसके बाद रोजाना शाम 6 बजे जिलाधिकारी शिविर कार्यालय में मुख्य चिकित्साधिकारी टीमों की प्रतिदिन की रिपोर्ट के साथ बैठक में उपस्थित होंगे। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि इस महामारी से बचाव के लिए आपने घरों में साफ -सफाई रखें। कही भी पानी जमा नहीं होने दें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। उधर, सीएमओ डॉ.मनोज ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने लालकुआं, हुसैनगंज व कृष्णानगर में कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। एक मरीज मिलने पर कंटेनमेंट जोन में करीब सौ लोगों की टीम पहले दिन 400 मीटर दायरे में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग व नमूने ले रही है। दूसरे दिन एक किमी दायरे में जांच कराई जाएगी। टीमों की निगरानी के लिए नोडल अफसर बनाए गए हैं।
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बुखार आने वालों पर रहेगी नजर
सीएमओ ने बताया कि जीका के मरीजों को तलाशने के लिए टीमें हर घर जाकर बुखार आने वाले मरीजों के नमूने लेंगी। इसमें उन मरीजों को संदिग्ध की श्रेणी में रखा जाएगा, जिनकी डेेंगू, टायफाइड व मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। सभी टीमों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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ऐसे हो सकता है जीका का प्रसार
संक्रमित मच्छरों के काटने के अलावा संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने या फिर रक्त के आदान-प्रदान से भी यह संक्रमण हो सकता है। जीका के लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं और ज्यादातर लोगों में ये इतने हल्के होते हैं कि उन पर किसी का ध्यान नहीं जाता। जीका के गंभीर संक्रमण के कारण मस्तिष्क और आंखों को गंभीर क्षति हो सकती है।
राजस्थान, केरल व विदेश से आने वालों की ऐसे होगी निगरानी
प्रशासन ने जीका वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राजस्थान, केरल व विदेश से आने वालों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। यहां के लोगों की सूची बनाई जाएगी। एयरपोर्ट पर इसकी निगरानी सुबह 8 से रात 8 बजे तक डिप्टी कलेक्टर सविता शुक्ला व रात 8 से सुबह 8 बजे तक अपर नगर मजिस्ट्रेट-6 अजय पांडेय करेंगे। वहीं चारबाग रेलवे स्टेशन पर दिन में अपर नगर मजिस्ट्रेट-7 मो.कमर व रात में जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरनाथ यति की निगरानी में कार्य होगा।
सीडीओ की अध्यक्षता में बनी टीम
जिलाधिकारी ने सीडीओ अश्विनी पांडेय की अध्यक्षता में डेंगू व जीका वायरस से बचाव के लिए चलने वाले अभियान की निगरानी के लिए समिति गठित की है। इस समिति में एडीएम पूर्वी केपी सिंह, अपर नगर आयुक्त अभय पांडेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.केपी त्रिपाठी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.मिलिंद वर्धन व डीपीएम सतीश यादव सदस्य होंगे।
हेल्पलाइन से ले सकते हैं मदद
जिलाधिकारी के मुताबिक, जीका को लेकर इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर में हेल्पलाइन बनाई गई है। इसमें जीका संक्रमण के बारे में रोगी व उनके तीमारदार इलाज, बचाव संबंधी जानकारी ले सकेंगे।
0522-4523000 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके ले सकेंगे।
500 सुपर सर्विलांस टीमें बनीं
सीएमओ के मुताबिक, जीका मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच के लिए 500 सुपर सर्विलांस टीमें बनाई गई हैं। कंटेनमेंट जोन में 100 सर्विलांस टीमें सुबह 8 बजे से शाम 4:30 बजे तक काम करेंगी।
अब 118 बेड रिजर्व
जीका वायरस के मरीजों को अस्पतालों में आसानी से इलाज मिल सके इसके लिए शनिवार को बेड की तादाद बढ़ा दी गई है। आठ बड़े अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 118 बेड जीका के लिए रिजर्व किए गए हैं। बड़े अस्पतालों में दस-दस बेड रिजर्व किए गए हैं। महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्ड होंगे। इसके अलावा शहर व ग्रामीण इलाकों की 19 सीएचसी पर दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं। लोहिया संस्थान, केजीएमयू व पीजीआई गंभीर मरीजों को भर्ती करेंगे।
ये व्यवस्थाएं होंगी
- जीका कंटेनमेंट जोन में सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम 4 बजे से 6 बजे तक फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाएगा। जिन इलाकों में गाड़ी नहीं जा पाएगी वहां साइकिल से छिड़काव होगा।
- प्रत्येक सीएचसी पर कम से कम एक रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) की नियुक्ति होगी।
- निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाएगा।
- प्रत्येक सीएचसी पर 25-25 टीमें लगाई जाएंगी। प्रत्येक टीम में आशा, आंगनबाड़ी, सिविल डिफेंस और हुसैनाबाद ट्रस्ट के कर्मियों को लगाया जाएगा।
- रेलवे स्टेशन बस स्टॉप में भी बाहर से आने वाले लोगों की सूची बनाई जाएगी। ताकि मॉनिटरिंग की जा सके। कैंट एरिया में आर्मी कमांड सेंटर से भी बाहर से आने वाले लोगों की सूची मंगाई जाएगी।
- प्रमुख अस्पतालों, पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड सेंटरों में भी फॉगिंग, सैनिटाइज़ेशन व एंटी लार्वा का रोजाना छिड़काव होगा।
- जीका वायरस के लक्षण व उनसे बचाव के उपाय केलिए जागरूक करने वाले 40 होर्डिंग नगर निगम व जिला स्वास्थ्य समिति लगवाएगी।