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UP: डिजास्टर मैनेजमेंट में एमबीए की डिग्री ले सकेंगे युवा, लाखों रोजगार पैदा होंगे
Thu, 01 Feb 2024 05:02 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 01 Feb 2024 05:02 PM IST
सार
यूपी में आपदाओं से निपटने के लिए विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए प्रदेश सरकार एमबीए में डिजास्टर मैनेजमेंट कोर्स लागू करने पर विचार कर रही है। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
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- फोटो : डेमो
विस्तार
योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को डिजास्टर मैनेजमेंट की फील्ड में रोजगार उपलब्ध कराने जा रही है। सरकार एमबीए में डिजास्टर मैनेजमेंट सिलेबस लागू करने पर विचार कर रही है। योगी सरकार के इस कदम से जहां लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं देश में सर्वाधिक जलवायु परिवर्तन वाले उत्तर प्रदेश में आपदाओं से निपटने के लिए दक्ष लोगों की तादाद बढ़ेगी। इससे आपदाओं से होने वाली जनहानि को न्यूनतम किया जा सकेगा। बता दें कि योगी सरकार मौसम की अनिश्चितता और इनके कारण होने वाली प्राकृतिक दुर्घटनाओं की बढ़ती चुनौती को देखते हुए इस पर विचार कर रही है।
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प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का कर सकेंगे सामना
पिछले कुछ वर्षों में महामारी, बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि, वज्रपात जैसी आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए योगी सरकार ने महसूस किया है कि इस क्षेत्र में युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। ऐसे में योगी सरकार क्लाइमेट रेजिलिएंट और डिजास्टर मैनेजमेंट एनालिटिक्स की फील्ड में युवाओं को एमबीए के पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विचार कर रही है। इसको लेकर सीएम योगी ने एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये हैं।
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विशेषज्ञों की मानें तो खेती हो या जल आपूर्ति, जो भी प्राकृतिक संसाधन से जुड़े सेक्टर हैं, सब पर जलवायु परिवर्तन का असर आ रहा है। पहले पहाड़ी इलाकों में क्लाउड बर्स्ट होता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से मैदानी इलाकों में भी क्लाउड बर्स्ट होने लगा है। इससे प्राकृतिक आपदाएं बढ़ती जा रही हैं। साइक्लोन हो या फिर सूखा, सब अचानक हो रहा है। इससे निपटने के लिए एक ट्रेन्ड रिसोर्स या स्किल्ड मैनपावर की जरूरत है जो इन समस्याओं को समय रहते निपटा सकें।
जलवायु परिवर्तन विषय में शिक्षा जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बैठक में कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय में बड़ी चुनौती है। ऐसे में इससे निपटने के लिए लोगों को इस समस्याओं के विषय में शिक्षित करना आवश्यक है। इसके लिए जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन से जुड़ा पाठ्यक्रम लागू करना अतिआवश्यक है। वहीं इसके लागू होने से प्रदेश के युवाओं को इस फील्ड में रोजगार के नये अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और अचानक से आने वाली आपदाएं आज पूरी दुनिया के लिए बड़ी समस्या बनकर उभरी हैं। ऐसे में इसे रोकने के लिए डाटा एनालिटिक्स और एआई का इस्तेमाल काफी लाभकारी हो सकता है। डिजास्टर मैनेजमेंट में एमबीए कोर्स लागू होने पर एक तरफ जहां युवा प्रकृति के प्रति जागरूक होंगे, वहीं दूसरी तरफ उन्हें रोजगार भी मिलेगा।