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लखनऊ मेट्रो को कंट्रोल करेगा वीमेन पावर, स्टाफ में 21 महिलाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 19 May 2016 05:07 PM IST
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लखनऊ मेट्रो चलाने की जिम्मेदारी युवा हाथों में सौंपी गई है। ट्रेन संचालन के लिए तैयार हो रहे 97 स्टेशन कंट्रोलर कम ट्रेन ऑपरेटर (एससीटीओ) की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसमें से 21 युवतियां होंगीं।
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इसमें से 19 अकेले गृह राज्य यूपी से हैं। इस स्टाफ की जिम्मेदारी स्टेशनों के नियंत्रण के अलावा ट्रेनों के संचालन की होगी।
एमडी कुमार केशव ने बताया कि स्टाफ पूरी तरह युवा है। इनकी अधिकतम उम्र ही अभी 28 साल है। ज्यादातर को कोई पूर्व अनुभव नहीं है। लेकिन, इनसे कोई गलती नहीं हो। इसके लिए भी हम जरूरी प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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97 चयनित अभ्यर्थियों का अभी मेडिकल होना बाकी है। इसमें सफल नहीं रहने पर प्रशिक्षु एससीटीओ स्टाफ की संख्या घट भी सकती है। इसके बाद इन सभी को 22 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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दिल्ली में मिलेगी ट्रेनिंग
इसमें से चार सप्ताह का प्रशिक्षण दिल्ली मेट्रो में होगा। यह प्रशिक्षण चलती मेट्रो ट्रेन के अलावा ठेकेदार कंपनी के बनाए मॉडल में भी दिया जाना है। इससे स्टाफ ज्यादा अच्छे से ट्रेन का संचालन कर सकेगा।
मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के समय भी ढ़ाई महीने के बीच इनका प्रशिक्षण होगा। इसमें भी ट्रेन संचालन के तरीके यह स्टाफ सीखेगा। क्योंकि, लखनऊ मेट्रो ट्रेन ऑटोमेटिक है।
ऐसे में इन युवाओं का काम कंट्रोल पैनल ठीक से काम करे। इस पर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा। वहीं किसी भी हादसे या यात्रियों के आत्महत्या के प्रयास से बचने के लिए भी इनको प्रशिक्षित किया जाएगा।
मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के समय भी ढ़ाई महीने के बीच इनका प्रशिक्षण होगा। इसमें भी ट्रेन संचालन के तरीके यह स्टाफ सीखेगा। क्योंकि, लखनऊ मेट्रो ट्रेन ऑटोमेटिक है।
ऐसे में इन युवाओं का काम कंट्रोल पैनल ठीक से काम करे। इस पर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा। वहीं किसी भी हादसे या यात्रियों के आत्महत्या के प्रयास से बचने के लिए भी इनको प्रशिक्षित किया जाएगा।