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कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाले नवाचार करें युवा: आनंदीबेन पटेल
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कार्यक्रम में छात्र से जानकारी लेतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि आज श्रीअन्न को पूरा देश अपना रहा है। किसान श्रीअन्न का उत्पादन कर रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वे किसानों को सही मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता दें। विद्यार्थी ऐसे नवाचार विकसित करें जो कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करें। उन्होंने फसलों के सर्वे में भी नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया।
वे मंगलवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में आयोजित नवोन्मेष 2025 आइडिया चैलेंज कार्यक्रम में विजेताओं को सम्मानित करने के बाद संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि यह मान लेना कि केवल शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थी ही प्रतिभाशाली होते हैं, गलत धारणा है। उन्हें सही अवसर मिलने पर वे समाज की बड़ी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं।
उन्होंने अपने जिला भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि कई जिलों में लिंगानुपात (जेंडर रेशियो) की बड़ी समस्या देखी है, लड़कियों की संख्या चिंताजनक रूप से घट रही है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे इस सामाजिक समस्या पर गंभीरता से चिंतन करें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से इसके समाधान के नवाचार विकसित करें। वह डाटा एकत्र करें कि कितनी महिलाओं ने गर्भधारण किया। कितने बच्चों का जन्म हुआ, ताकि लिंगानुपात में हो रहे अंतर को समझा जा सके। इस पर सटीक रणनीति तैयार की जा सके।
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उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना तभी प्रभावी होगी, जब इसका लाभ सही लाभार्थी तक पहुंचेगा। विद्यार्थियों को ऐसे मॉडल विकसित करने चाहिए ताकि योजना का गलत प्रयोग रोका जा सके। जनता को उसका वास्तविक लाभ मिल सके। इस अवसर पर राज्यपाल ने इंफोसिस स्प्रिंग बोर्ड मेकर्स लैब, एआईसीटीई-एकेटीयू की आइडिया लैब तथा 75-75 की क्षमता के दो छात्रावासों का उद्घाटन भी किया।
यह प्रदेश की पहली मेकर्स लैब है। उन्होंने छात्रावासों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावासों के किचन, डाइनिंग एरिया, कमरे, वेंटिलेशन व्यवस्था तथा साफ-सफाई की स्थिति की जानकारी ली। इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, प्राविधिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण, आदि उपस्थित थे।
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वे मंगलवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में आयोजित नवोन्मेष 2025 आइडिया चैलेंज कार्यक्रम में विजेताओं को सम्मानित करने के बाद संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि यह मान लेना कि केवल शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थी ही प्रतिभाशाली होते हैं, गलत धारणा है। उन्हें सही अवसर मिलने पर वे समाज की बड़ी समस्याओं का समाधान दे सकते हैं।
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उन्होंने अपने जिला भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि कई जिलों में लिंगानुपात (जेंडर रेशियो) की बड़ी समस्या देखी है, लड़कियों की संख्या चिंताजनक रूप से घट रही है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे इस सामाजिक समस्या पर गंभीरता से चिंतन करें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से इसके समाधान के नवाचार विकसित करें। वह डाटा एकत्र करें कि कितनी महिलाओं ने गर्भधारण किया। कितने बच्चों का जन्म हुआ, ताकि लिंगानुपात में हो रहे अंतर को समझा जा सके। इस पर सटीक रणनीति तैयार की जा सके।
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उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना तभी प्रभावी होगी, जब इसका लाभ सही लाभार्थी तक पहुंचेगा। विद्यार्थियों को ऐसे मॉडल विकसित करने चाहिए ताकि योजना का गलत प्रयोग रोका जा सके। जनता को उसका वास्तविक लाभ मिल सके। इस अवसर पर राज्यपाल ने इंफोसिस स्प्रिंग बोर्ड मेकर्स लैब, एआईसीटीई-एकेटीयू की आइडिया लैब तथा 75-75 की क्षमता के दो छात्रावासों का उद्घाटन भी किया।
यह प्रदेश की पहली मेकर्स लैब है। उन्होंने छात्रावासों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावासों के किचन, डाइनिंग एरिया, कमरे, वेंटिलेशन व्यवस्था तथा साफ-सफाई की स्थिति की जानकारी ली। इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, प्राविधिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण, आदि उपस्थित थे।