मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वादा, यूपी लौटे पांच लाख श्रमिकों को देंगे रोजगार
-रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए एपीसी की अध्यक्षता में बनाई समिति
-ओडीओपी के जरिये रोजगार सृजन के साथ ही आयोजित किए जाएंगे लोन मेले
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 45 दिनों में देश के विभिन्न राज्यों से लौटे करीब पांच लाख श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया है। इसके लिए उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। यह कमेटी स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री रविवार को अपने सरकारी आवास पर टीम-11 के साथ लॉकडाउन की समीक्षा कर रहे थे। रोजगार के लिए एपीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी में प्रमुख सचिव पंचायतीराज, प्रमुख सचिव एमएसएमई और प्रमुख सचिव कौशल विकास को शामिल किया गया है। यह समिति सुझाव देगी कि रोजगार के ज्यादा अवसर कैसे सृजित किए जाएं। समिति एमएसएमई के तहत विभिन्न उद्योगों में रोजगार के अवसर सृजित करने की संभावना भी तलाशेगी। कमेटी ओडीओपी के तहत रोजगार सृजन के साथ-साथ बैंक के माध्यम से लोन मेले व रोजगार मेले का आयोजन करेगी।
सीएम ने कहा कि रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने के लिए भारत सरकार ने रिवॉल्विंग फंड में बढ़ोत्तरी की है। इससे महिला स्वयंसेवी समूहों को सिलाई, अचार व मसाला बनाने जैसे रोजगार उपलब्ध कराए जाएं।
जहां 10 से ज्यादा संक्रमित, उन्हें अभी न खोला जाए
सीएम योगी ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में कोरोना के 10 से ज्यादा पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुए हैं, उन्हें अभी न खोला जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जाए।
कितनी छूट, फैसला स्थानीय प्रशासन करेगा
सीएम ने निर्देश दिया कि 20 अप्रैल से लॉकडाउन में छूट का फैसला स्थानीय हालात देखकर जिलाधिकारी करेंगे। जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों में छूट का फैसला स्थानीय प्रशासन करेगा। हालांकि हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में कोई छूट नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 19 ऐसे जिलों के डीएम ज्यादा सजगता और सतर्कता से निर्णय करें, जिनमें 10 या उससे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए हैं।
हॉटस्पॉट वाले इलाकों में मेडिकल, स्वच्छता तथा डोर स्टेप डिलीवरी संबंधी गतिविधियां ही संचालित की जा सकेंगी। उन्होंने लॉकडाउन का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही व शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के मानकों का किसी भी हालत में उल्लंघन नहीं होना चाहिए। जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों में छूट दिए जाने के संबंध में जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, डीआईजी, आईजी, एडीजी, एसपी, एसएसपी, जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी और उद्यमी विचार-विमर्श करके निर्णय लें। यह ध्यान रखें कि भीड़ व अराजकता की स्थिति न पैदा होने पाए।
मौलवी, मौलानाओं से संवाद करें, भीड़ एकत्र न होने दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 अप्रैल से रमजान माह प्रारंभ होने जा रहा है। धर्मगुरुओं, मौलवियों व मौलानाओं से संवाद स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्रित न होने पाए। सभी धार्मिक कार्य घर से ही संपन्न किए जाएं।
मंडी, बैंक, राशन, दवा की दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग में न बरतें कोताही
योगी ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे यह देखें कि मंडी, बैंक, राशन व दवा की दुकान पर भी सोशल डिस्टेंसिंग में किसी भी प्रकार की कोताही न हो। उन्होंने कहा कि मेडिकल इंफेक्शन को भी रोका जाना सुनिश्चितत किया जाए। यदि स्थानीय स्तर पर मीडिया ब्रीफ्रिंग की आवश्यकता होती है, तो सावधानी बरतते हुए तथ्यपरक जानकारी दी जाए।
शेल्टर होम्स नियमित रूप से सैनिटाइज किए जाएं
मुख्यमंत्री ने कोरोना संदिग्धों के लिए शेल्टर होम तैयार स्थिति में रखने के निर्देश दिए। कहा कि बाहर से आने वालों को हर हाल में क्वारंटीन किया जाए। इस संबंध में आवश्यक प्रोटोकाल का पालन किया जाए। अन्य सभी लोग मुंह ढंकने के लिए मास्क, गमछे, दुपट्टे इत्यादि का प्रयोग करें। उन्होंने अपर मुख्य सचिव राजस्व को निर्देश दिए कि सभी शेल्टर होम नियमित रूप से सैनिटाइज किये जाएं। कम्युनिटी किचन का संचालन सावधानी से किया जाए।