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UP: नोनिया चौहान वोट बैंक साधने के लिए मंत्री बनाए गए दारा सिंह, रालोद की 17 साल बाद यूपी कैबिनेट में वापसी
Wed, 06 Mar 2024 09:21 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 06 Mar 2024 09:21 AM IST
सार
Yogi cabinet expansion: योगी मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। अब कैबिनेट में 56 मंत्री हो गए हैं। इसमें 22 कैबिनेट, 14 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 20 राज्य मंत्री शामिल हैं। चार की जगह अभी भी कैबिनेट में शेष है।
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Yogi Cabinet Expansion
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा चुनाव में नोनिया चौहान समाज को साधने के लिए भाजपा ने दारा सिंह चौहान को योगी मंत्रिमंडल में शामिल किया है। दारा सिंह विधानसभा चुनाव 2022 से पहले भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। दारा सिंह सपा के टिकट पर घोसी से विधायक भी निर्वाचित हुए थे। लेकिन जुलाई 2023 में वह सपा विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए।
उसके बाद घोसी में हुए उप चुनाव में भाजपा ने दारा सिंह को प्रत्याशी बनाया। दारा सिंह सरकार और संगठन की पूरी ताकत के बाद भी सपा के सुधाकर सिंह से चुनाव हार गए। वैसे तो भाजपा ने प्रदेश में मूल काडर में किसी भी हारे हुए प्रत्याशी को मंत्री नहीं बनाया। लेकिन प्रदेश में पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र में करीब 40 लाख नोनिया चौहान मतदाता है।
योगी सरकार में इस समाज से एक भी मंत्री नहीं हैं। समाज में वर्चस्व रखने के कारण भाजपा ने घोसी उप चुनाव हारने के बावजूद दारा सिंह चौहान को मंत्रिमंडल में शामिल किया है।
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सपा, बसपा होते हुए भाजपा तक पहुंचे दारा
दारा सिंह 1996 से 2000 और 2000-2006 तक सपा के राज्यसभा सदस्य रहे हैं। 2007 में दारा सिंह सपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए। दारा सिंह 2009 में घोसी से बसपा के सांसद रहे हैं। 2015 में वह भाजपा में शामिल हुए। 2017 में योगी सरकार 1.0 में वन एवं पर्यावरण मंत्री रहे हैं।
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उसके बाद घोसी में हुए उप चुनाव में भाजपा ने दारा सिंह को प्रत्याशी बनाया। दारा सिंह सरकार और संगठन की पूरी ताकत के बाद भी सपा के सुधाकर सिंह से चुनाव हार गए। वैसे तो भाजपा ने प्रदेश में मूल काडर में किसी भी हारे हुए प्रत्याशी को मंत्री नहीं बनाया। लेकिन प्रदेश में पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र में करीब 40 लाख नोनिया चौहान मतदाता है।
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योगी सरकार में इस समाज से एक भी मंत्री नहीं हैं। समाज में वर्चस्व रखने के कारण भाजपा ने घोसी उप चुनाव हारने के बावजूद दारा सिंह चौहान को मंत्रिमंडल में शामिल किया है।
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सपा, बसपा होते हुए भाजपा तक पहुंचे दारा
दारा सिंह 1996 से 2000 और 2000-2006 तक सपा के राज्यसभा सदस्य रहे हैं। 2007 में दारा सिंह सपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए। दारा सिंह 2009 में घोसी से बसपा के सांसद रहे हैं। 2015 में वह भाजपा में शामिल हुए। 2017 में योगी सरकार 1.0 में वन एवं पर्यावरण मंत्री रहे हैं।
राजपाट के बाद होली मनाएंगे राजभर
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को आखिरकार होली से पहले राजपाठ मिल ही गया है। बकौल राजभर 2019 में होली पर उन्होंने मंत्री पद छोड़ा था। तब से उन्होंने अभी तक होली नहीं मनाई है। अब होली से पहले फिर राजपाठ मिलने पर चार साल बाद इस बार होली मनाएंगे। गत दिनों उन्होंने राजपाठ न मिलने पर इस बार भी होली नहीं मनाने का एलान किया था।
पूजा करते समय मिली सुनील शर्मा को मंत्री बनाने की खबर
साहिबाबाद सीट से विधायक सुनील शर्मा मंगलवार को राजनगर सेक्टर-10 स्थित अपने आवास में पूजा कर रहे थे। 11 बजकर पांच मिनट का समय था। तभी उनके मोबाइल फोन की घंटी बजी। फोन सीएम योगी के दफ्तर से था। उन्होंने जैसे ही रिसीव किया, उधर से कहा गया, हैलो... शर्मा जी, तुरंत लखनऊ आ जाइए, आपको सीएम साहब ने बुलाया है, आपको डेढ़ बजे तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि वह गाजियाबाद में हैं, ढाई घंटे में लखनऊ पहुंचना संभव नहीं है। इस पर उनसे कहा गया कि ठीक है, वह तीन बजे तक पहुंच जाएं।
साहिबाबाद सीट से विधायक सुनील शर्मा मंगलवार को राजनगर सेक्टर-10 स्थित अपने आवास में पूजा कर रहे थे। 11 बजकर पांच मिनट का समय था। तभी उनके मोबाइल फोन की घंटी बजी। फोन सीएम योगी के दफ्तर से था। उन्होंने जैसे ही रिसीव किया, उधर से कहा गया, हैलो... शर्मा जी, तुरंत लखनऊ आ जाइए, आपको सीएम साहब ने बुलाया है, आपको डेढ़ बजे तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि वह गाजियाबाद में हैं, ढाई घंटे में लखनऊ पहुंचना संभव नहीं है। इस पर उनसे कहा गया कि ठीक है, वह तीन बजे तक पहुंच जाएं।
मतदाताओं की संख्या के लिहाज से देश के सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र साहिबाबाद में सुनील शर्मा ने दो लाख 14 हजार 386 वोटों से जीत का रिकाॅर्ड बनाया था। विधानसभा चुनाव के इतिहास में यह देश की सबसे बड़ी जीत थी। इसके लिए उनका नाम इंडिया बुक आफ रिकाॅर्ड में दर्ज किया गया।
रालोद की 17 साल बाद यूपी कैबिनेट में वापसी
पश्चिम यूपी की राजनीति में खास दखल रखने वाले रालोद की करीब 17 साल बाद यूपी कैबिनेट में वापसी हुई है। आखिरी बार बघरा से जीतकर अनुराधा चौधरी मंत्री बनाई गई थीं। इनके बाद एमएलसी मुन्ना सिंह चौहान भी मंत्रालय में रहे। अनिल कुमार के शपथ लेने के साथ ही मुजफ्फरनगर जिले को भी 17 साल बाद ही कैबिनेट मंत्री मिला है।
पश्चिम यूपी की राजनीति में खास दखल रखने वाले रालोद की करीब 17 साल बाद यूपी कैबिनेट में वापसी हुई है। आखिरी बार बघरा से जीतकर अनुराधा चौधरी मंत्री बनाई गई थीं। इनके बाद एमएलसी मुन्ना सिंह चौहान भी मंत्रालय में रहे। अनिल कुमार के शपथ लेने के साथ ही मुजफ्फरनगर जिले को भी 17 साल बाद ही कैबिनेट मंत्री मिला है।