उपचुनाव वाली सभी सीटों को तीन दिन में समेटेंगे सीएम योगी, हरियाणा-महाराष्ट्र में भी करेंगे प्रचार
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एक तरफ हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव की व्यस्तता और दूसरी तरफ प्रदेश में हो रहे विधानसभा की 11 सीटों के उपचुनाव में पार्टी को जीत दिलाने की जिम्मेदारी। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तीन दिन में सभी 11 क्षेत्रों में सभाएं कराने की तैयारी है।
भाजपा ने 15, 16 और 18 अक्तूबर में विधानसभा उपचुनाव वाले सभी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री की सभाएं कराने की योजना बनाई है जिससे हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव प्रचार पर असर न पड़े।
दरअसल, योगी भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल हैं। उनकी न सिर्फ यूपी, बल्कि दूसरे राज्यों में भी चुनाव प्रचार के लिए मांग रहती है। हरियाणा और महाराष्ट्र के साथ भी यही स्थिति है। दोनों ही जगह के प्रत्याशी उनकी सभाएं चाहते हैं।
ऐसे में उन्हें अधिक समय इन राज्यों में देना पड़ेगा। लेकिन मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी होने के नाते प्रदेश में 11 सीटों पर हो रहे उपचुनाव को लेकर उनकी चिंता स्वाभाविक है। वैसे तो उपचुनाव की घोषणा से पूर्व वे सभी क्षेत्रों का एक-एक बार दौरा कर चुके हैं। पर चुनाव के दौरान भी वे सभी सीटों पर जाकर जीत के समीकरणों को मजबूत करना चाहते हैं। ऐसे में उनके सामने ताबड़तोड़ दौरे करने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है।
यह भी है वजह
उपचुनाव में आमतौर पर किसी भी राजनीतिक दल का राष्ट्रीय नेतृत्व प्रचार में बहुत सक्रिय भूमिका नहीं निभाता। ज्यादातर प्रदेश के नेताओं के कंधों पर ही यह दायित्व रहता है। फिर इस समय हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनाव की चुनौती से केंद्रीय नेतृत्व चाहे भी तो उपचुनाव के लिए वक्त नहीं निकाल सकता। उसके लिए दो राज्यों के आम चुनाव ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
ऐसे में प्रदेश में सारा दारोमदार सीएम योगी के कंधों पर है। योगी के लिए भी उपचुनाव इसलिए अहम हैं क्योंकि उन्हें भी इस बात का एहसास है कि नतीजे कहीं न कहीं सीधे उन्हीं की साख से जुड़ेंगे। इसीलिए वे इन चुनाव को लेकर कोई ढिलाई नहीं करना चाहते।
ध्यान रहे कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कंधों पर महाराष्ट्र की जिम्मेदारी डाल रखी है। ऐसे में उनका भी ज्यादा वक्त प्रदेश से बाहर ही बीत रहा है। इस नाते भी योगी के कंधों पर ज्यादा जिम्मेदारी है।