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Lucknow News: डेटलाइन के अंतिम दिन काम में तेजी, 85 प्रतिशत बच्चों की अपार आईडी बनी
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लखनऊ। कक्षा एक से आठ तक के सरकारी स्कूलों के 85% बच्चों की अपार आईडी बुधवार तक बन गई। बुधवार इस काम के लिए अंतिम दिन था। 15 प्रतिशत उन्हीं बच्चों की अपार आईडी नहीं बनी हैं, जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं। सभी ब्लाॅकों से अपडेट लेने के बाद बीएसए ने सभी शिक्षकों व खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन जारी कर दिया है।
ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) बच्चों के लिए जरूरी है। पिछले एक साल से सुस्त रफ्तार से काम चल रहा था, लेकिन प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ पा रही थी। इस संबंध में अमर उजाला ने लगातार मुद्दे को उठाया। बीएसए राम प्रवेश ने बताया कि अब जिन 15 प्रतिशत बच्चों की अपार आईडी नहीं बने हैं, उनके आधार और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया अभिभावकों के सहयोग से शुरू होगी।
बता दें कि शहर में कक्षा एक से आठ तक 1618 सरकारी स्कूल हैं। इनमें पौने दो लाख बच्चों की अपार आईडी बननी थी।
समय रहते काम होता तो न होती इतनी परेशानी
उच्चाधिकारियों के मुताबिक, स्कूलों में समय से अपार आईडी बनाए जाने का काम होता तो आज इतनी परेशानी नहीं होती। अमर उजाला में खबर छपने के बाद पूरे प्रदेश में अपार आईडी बनने की प्रक्रिया में तेजी आई, क्योंकि शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने लगातार स्वयं इसकी लगातार समीक्षा शुरू की। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों की भूमिका पहले सक्रिय नहीं रही।
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3400 माध्यमिक शिक्षकों का रुका वेतन, प्रदर्शन की तैयारी
बच्चों की अपार आईडी न बनने से माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी सभी शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। इस संबंध माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रवक्ता डाॅ. आरपी मिश्रा ने कहा जिले में 3400 शिक्षकों का जनवरी का अभी वेतन नहीं जारी हुआ है। अब शिक्षकों ने 11 फरवरी को जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों ने क्वींस इंटर कॉलेज में बैठक की। डॉ. मिश्रा ने बताया कि बताया कि अनेक विद्यालयों की ओर से यू डायस पूरा करने के लिए फॉर्म विभाग को भेजा गया, लेकिन पूरा नहीं हो पाया। ऐसी स्थिति में अपार का काम पूरा नहीं हो पा रहा है।
निजी स्कूलों ने भी दिखाई तेजी
बीएसए के नोटिस जारी करने के बाद निजी स्कूलों ने भी अपार आईडी बनाने में तेजी दिखाई है। इस संबंध में 787 स्कूलों को नोटिस जारी हुआ था। निजी स्कूलों के बच्चों का अभी डाटा आना बाकी है। बीएसए ने बताया कि पहले से काम में तेजी आई है।
क्या है अपार आईडी
अपार आईडी भारत में सभी छात्रों के लिए डिजाइन की गई है। यह बच्चों का रिकॉर्ड एक जगह रखने की एक व्यवस्था है। देश में आधार कार्ड की तरह ही अपार कार्ड व्यवस्था शुरू हुई है। इसमें बच्चे का भी फायदा है।
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ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) बच्चों के लिए जरूरी है। पिछले एक साल से सुस्त रफ्तार से काम चल रहा था, लेकिन प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ पा रही थी। इस संबंध में अमर उजाला ने लगातार मुद्दे को उठाया। बीएसए राम प्रवेश ने बताया कि अब जिन 15 प्रतिशत बच्चों की अपार आईडी नहीं बने हैं, उनके आधार और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया अभिभावकों के सहयोग से शुरू होगी।
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बता दें कि शहर में कक्षा एक से आठ तक 1618 सरकारी स्कूल हैं। इनमें पौने दो लाख बच्चों की अपार आईडी बननी थी।
समय रहते काम होता तो न होती इतनी परेशानी
उच्चाधिकारियों के मुताबिक, स्कूलों में समय से अपार आईडी बनाए जाने का काम होता तो आज इतनी परेशानी नहीं होती। अमर उजाला में खबर छपने के बाद पूरे प्रदेश में अपार आईडी बनने की प्रक्रिया में तेजी आई, क्योंकि शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने लगातार स्वयं इसकी लगातार समीक्षा शुरू की। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों की भूमिका पहले सक्रिय नहीं रही।
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3400 माध्यमिक शिक्षकों का रुका वेतन, प्रदर्शन की तैयारी
बच्चों की अपार आईडी न बनने से माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी सभी शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। इस संबंध माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रवक्ता डाॅ. आरपी मिश्रा ने कहा जिले में 3400 शिक्षकों का जनवरी का अभी वेतन नहीं जारी हुआ है। अब शिक्षकों ने 11 फरवरी को जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों ने क्वींस इंटर कॉलेज में बैठक की। डॉ. मिश्रा ने बताया कि बताया कि अनेक विद्यालयों की ओर से यू डायस पूरा करने के लिए फॉर्म विभाग को भेजा गया, लेकिन पूरा नहीं हो पाया। ऐसी स्थिति में अपार का काम पूरा नहीं हो पा रहा है।
निजी स्कूलों ने भी दिखाई तेजी
बीएसए के नोटिस जारी करने के बाद निजी स्कूलों ने भी अपार आईडी बनाने में तेजी दिखाई है। इस संबंध में 787 स्कूलों को नोटिस जारी हुआ था। निजी स्कूलों के बच्चों का अभी डाटा आना बाकी है। बीएसए ने बताया कि पहले से काम में तेजी आई है।
क्या है अपार आईडी
अपार आईडी भारत में सभी छात्रों के लिए डिजाइन की गई है। यह बच्चों का रिकॉर्ड एक जगह रखने की एक व्यवस्था है। देश में आधार कार्ड की तरह ही अपार कार्ड व्यवस्था शुरू हुई है। इसमें बच्चे का भी फायदा है।