फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Women's voices are growing stronger against domestic violence

Lucknow News: घरेलू हिंसा के खिलाफ मजबूत हो रही महिलाओं की आवाज

Thu, 08 Jan 2026 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Thu, 08 Jan 2026 01:23 AM IST
विज्ञापन
Women's voices are growing stronger against domestic violence
मनीषा गोस्वामी
विज्ञापन

लखनऊ। समय बदल रहा है, सोच बदल रही है और सबसे बड़ी बात महिलाएं बदल रही हैं। अब चुपचाप दर्द सहना उनकी मजबूरी नहीं रहा, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करना उनकी पहचान बन रहा है। यही सच सामने लाता है वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) द्वारा जारी दो वर्षों का आंकड़ा।
वर्ष 2024 में जहां केंद्र पर कुल 1,103 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,386 तक पहुंच गई। इनमें घरेलू हिंसा के मामले 2024 में 307 थे, जो 2025 में बढ़कर 460 हो गए। यानी घरेलू हिंसा के मामलों में 49.83% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। यह आंकड़ा सिर्फ बढ़ती शिकायतें नहीं बताता, बल्कि यह दर्शाता है कि अब महिलाएं चुप्पी नहीं, न्याय चुन रही हैं। वे अपमान और उत्पीड़न सहने के बजाय कानून की चौखट तक पहुंचने का साहस जुटा रही हैं।
विज्ञापन


नौकरी से ज्यादा स्वाभिमान की कीमत समझ रहीं

कामकाजी महिलाएं भी अब खामोशी का बोझ नहीं ढो रहीं। वर्ष 2024 में कार्यस्थल पर उत्पीड़न के केवल 6 मामले सामने आए थे। 2025 में यह संख्या बढ़कर 23 हो गई। यह बढ़ोतरी डर बढ़ने का नहीं, बल्कि हिम्मत बढ़ने का संकेत है। इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं नौकरी से ज्यादा अपने अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान को महत्व दे रही हैं और गलत के खिलाफ खड़ी हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


संकट में ‘सखी केंद्र’ बन रहा सुरक्षित सहारा

जरूरत के समय महिलाओं को सुरक्षा, सहारा और संवेदना देने में भी केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2024 में जहां 276 महिलाओं को सुरक्षित आश्रय मिला, वहीं 2025 में भी 229 महिलाओं को सेंटर ने संकट की घड़ी में शरण दी। यह साबित करता है कि यह केवल कागजी व्यवस्था नहीं, बल्कि संवेदनाओं से भरा सच्चा सहारा है।

एक नजर वर्ष 2025 के आंकड़ों पर

घरेलू हिंसा- 460

आश्रय- 229

मानसिक बीमारी से पीड़ित-40

प्रेम प्रसंग-35

कार्यस्थल पर उत्पीड़न-23

दहेज उत्पीड़न-16

पोक्सो-15

फ्रॉड-9

बाल विवाह-7

छेड़छाड़- 3

जामीनी विवाद-1

अन्य-548

- एक नजर वर्ष 2024 के आंकड़ों पर

घरेलू हिंसा--307

आश्रय-276

प्रेम प्रसंग-95

मानसिक बीमारी से पीड़ित-35

दहेज उत्पीड़न-13

कार्यस्थल पर उत्पीड़न-6

फ्रॉड-9

पोक्सो-8

बाल विवाह-4
जामीनी विवाद- 9

छेड़छाड़-3

अन्य-338
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed