महिला संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने के लिए शुरू होगी ऑनलाइन सुविधा, पहचान रहेगी गोपनीय
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महिला संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने के लिए नई योजना तैयार की गई है। अब पीड़िता ऑनलाइन शिकायत कर सकती है। पीड़िता को एंड्रायड फोन से डीसीपी क्राइम अगेंस्ट वूमेन की सोशल मीडिया साइट (व्हाट्सएप व मेसेंजर) पर शिकायत दर्ज करानी होगी।
दस दिन में एक बार डीसीपी क्राइम अगेंस्ट वूमेन सोशल मीडिया पर सुनवाई करेंगी। पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी। डीसीपी उत्तरी व क्राइम अगेंस्ट वूमेन शालिनी के मुताबिक, इस नए प्लेटफार्म का लाभ उन महिलाओं व युवतियों को मिलेगा जो डर के चलते महिला थाने और 1090 में शिकायत नहीं कर सकती हैं।
ऐसी पीड़िताएं अब इस प्लेटफार्म पर समस्या भेज सकती हैं। निस्तारण के लिए हर दसवें दिन डीसीपी खुद सोशल मीडिया पर एक घंटे लाइव रहेंगी। पीड़िता अपनी शिकायत का मैसेज भेज सकती हैं। इसके बाद डीसीपी उनसे बातचीत करेंगी।
वहीं, केंद्र सरकार के सहयोग से निर्भया फंड से 25 पिंक बूथ बन गए हैं। साथ ही 75 और बनेंगे। 100 पिंक स्कूटी पर महिला कांस्टेबल और दस चार पहिया वाहन पर पुलिसकर्मी महिला सुरक्षा में 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। इसके अलावा स्कूल, कार्यालय, अस्पताल, ऑटो, सिटी बस, बाजार में महिलाओं से बदसुलूकी करने वालों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
इन मामलों की होगी सुनवाई
- अश्लील टिप्पणी, छेड़छाड़, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले।
- परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा प्रताड़ित करने की।
- ऑटो, टेंपो, सिटी बस और रोडवेज बस में छेड़छाड़।
- स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और बाजार में छेड़छाड़ के मामले।
अमर उजाला के पत्रकार आयुष्मान पांडेय ने बात की डीसीपी उत्तरी व क्राइम अगेंस्ट वूमेन शालिनी से, यहां देखें पूरी बातचीत: