लापरवाही: फ्रैक्चर का इलाज कराते-कराते महिला की मौत
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हाथ में फ्रैक्चर के बाद बुजुर्ग महिला का निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ी तो एक से दूसरे अस्पताल का चक्कर लगवाया गया। इसके बाद केजीएमयू रेफर कर दिया गया।
केजीएमयू में इलाज के दौरान रविवार को मरीज की मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती जिससे मरीज की मौत हो गई। अस्पताल में बरती गई लापरवाही की शिकायत सीएमओ और स्वास्थ्य मंत्री से करने की बात कही है।
जानकीपुरम सेक्टर-ए के सुधीर शर्मा की मां शांति देवी (62) का हाथ 28 दिसंबर को टूट गया। सुधीर ने बताया कि प्राथमिक इलाज के बाद एक जनवरी को सेक्टर-जे स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
सही समय पर इलाज मिलता तो न होती मौत
शाम तीन बजे आर्थो सर्जन ने ऑपरेशन किया। सुधीर का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद डॉक्टरों ने इंदिरानगर स्थित निजी अस्पताल रेफर कर दिया।
वहां के डॉक्टरों ने केजीएमयू रेफर कर दिया। मरीज को केजीएमयू में भर्ती कराया गया। करीब दस दिन तक इलाज चलने के बाद रविवार को शांति देवी की मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद गलत दवा और इंजेक्शन लगाया गया।
इसके बाद यूरिन बंद हो गई। डॉक्टरों ने इलाज करने की बजाए नाजुक हालत में अस्पताल से चलता कर दिया। सही समय पर सही इलाज किया गया होता तो मरीज की मौत नहीं होती। वहीं इस मामले में सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि मामले की लिखित शिकायत इलाज के कागजात के साथ मिलेगी तो जांच कराई जाएगी और कार्रवाई होगी।