17 हजार शिकायतों की फाइलें बंद करेगा महिला आयोग
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राज्य महिला आयोग करीब 17 हजार शिकायतों की फाइलें बंद करेगा। यह शिकायतें 2012 और 2013 में आयोग को मिली थीं। लंबे अरसे से इनकी पैरवी शिकायतकर्ता की तरफ से नहीं की जा रही है। ऐसे शिकायतकर्ताओं को 2 जनवरी तक का समय दिया गया है ताकि वे आयोग में अपनी शिकायतों की पैरवी कर सकें।
आयोग की सदस्य सचिव अनीता वर्मा सिंह का कहना है कि इनमें बहुत ही सामान्य मामले वाली शिकायतें हैं। आयोग ने इस बाबत नोटिस भी जारी किया लेकिन शिकायत के बाद से ही वादी उपस्थित नहीं हुआ। कई बार रिमाइंडर भेजने केबाद भी उनकी तरफ से कोई पहल नहीं हुई।
ऐसे में एक प्रक्रिया के तहत इन शिकायतों की फाइलें बंद की जा रही हैं। इसके लिए एक पब्लिक नोटिस भी जारी किया गया है ताकि शिकायतकर्ता आयोग में संपर्क कर सकें।
लंबित मामलों की संख्या होगी कम
उन्होंने कहा, इस कदम से आयोग में लंबित मामलों की संख्या कम होगी। वहीं, नए मामलों की सुनवाई पर फोकस किया जा सकेगा।
दूरदराज के जिलों से आने वाली शिकायतों में कई बार महिलाएं पैरवी नहीं कर पातीं। ऐसे में आयोग ने फाइल दोबारा खोलने का विकल्प भी रखा है। वादी को आयोग को वाजिब कारण बताना होगा। इसके बाद फाइल दोबारा खोलने केआदेश दिए जाएंगे।
महिला टॉयलेट के लिए डीएम को निर्देश
महिला आयोग ने लखनऊ में महिला टॉयलेट की कमी का संज्ञान लिया है। अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने डीएम राजशेखर को निर्देश दिए हैं कि उन टॉयलेट्स की जांच कराएं जहां महिलाओं के लिए अलग से मुफ्त व्यवस्था नहीं है। इसे उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।