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महिलाएं किसी भी समाज के विकास की धुरी : राज्यपाल आनंदीबेन
Mon, 08 Mar 2021 11:39 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 08 Mar 2021 11:39 PM IST
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महिला समृद्धि महोत्सव के शुभारंभ पर संबोधित करतीं राज्यपाल
- फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि महिलाएं किसी भी समाज के विकास की धुरी हैं। एक महिला के विकास का मतलब है एक पूरे परिवार का विकास। इसलिये समाज के हर वर्ग को महिला उत्थान की दिशा में अपना सक्रिय एवं सार्थक योगदान देना चाहिए। वे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजभवन स्थित बड़ा लान में आयोजित महिला समृद्धि महोत्सव के शुभारंभ के बाद संबोधित कर रहीं थीं।
नाबार्ड तथा किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ विश्वविद्यालय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय एवं डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रदेश के सभी जिलों से आए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मातृ शक्ति के उत्थान के बिना किसी भी प्रकार के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
उन्होंने बताया कि यहां पर तीन दिवसीय कार्यक्रम में उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, समानता, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी विषय विशेषज्ञों तथा लोक विधाओं नाटक, पपेट, जादू आदि माध्यम से दी जा रही है। ताकि महिलाएं शिक्षित होकर विभिन्न बीमारियों कुपोषण, क्षयरोग, एनीमिया आदि गंभीर रोगों के बारे में जानकर अपने स्वास्थ्य की चिंता कर सकें। उन्होंने कहा कि महिलाएं शिक्षित होंगी तो विभिन्न सामाजिक कुरीतियां दहेज प्रथा, नशा उन्मूलन, लिंग भेद से लड़ सकेंगी। क्योंकि उनके दुष्परिणाम से भी वे भलीं-भाति परिचित होंगी। उन्होंने कहा कि इन सामाजिक कुरीतियों से हर महिला को गुजरना होता है। इसलिये अपनी बेटियों को भी शिक्षित करें ताकि वे विभिन्न सामाजिक कुरीतियों से बच सकें।
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इस अवसर पर राज्यपाल ने नाबार्ड द्वारा प्रदेश की 10 हजार ग्रामीण महिलाओं को 1000 स्वयं सहायता समूहों के रूप में संगठित करने हेतु एक करोड़ रूपये की धनराशि का स्वीकृत पत्र भेंट किया। उन्होंने नाबार्ड से कहा कि यह धनराशि और अधिक होनी चाहिये। बाल विकास राज्य मंत्री स्वाती सिंह ने कहा किसी भी समाज अथवा घर को सजाने संवारने में महिला की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिये हर किसी महिला के महत्व को समझना चाहिये। यदि महिलायें आत्मनिर्भर बनेंगी तो आर्थिक रूप से सशक्त होगी और उनका घर परिवार तथा देश भी सशक्त होगा।इस अवसर पर 75 जिलों की महिलाएं अपने उत्पाद के साथ राजभवन में उपस्थित हुई हैं। कार्यक्रम में नाबार्ड के मुख्य महा प्रबन्धक डॉ. डीएस चौहान, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, केजीएमयू, लविवि, एकेटीयू, पुनर्वास विवि के कुलपति तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।
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नाबार्ड तथा किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ विश्वविद्यालय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय एवं डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रदेश के सभी जिलों से आए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मातृ शक्ति के उत्थान के बिना किसी भी प्रकार के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
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उन्होंने बताया कि यहां पर तीन दिवसीय कार्यक्रम में उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, समानता, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी विषय विशेषज्ञों तथा लोक विधाओं नाटक, पपेट, जादू आदि माध्यम से दी जा रही है। ताकि महिलाएं शिक्षित होकर विभिन्न बीमारियों कुपोषण, क्षयरोग, एनीमिया आदि गंभीर रोगों के बारे में जानकर अपने स्वास्थ्य की चिंता कर सकें। उन्होंने कहा कि महिलाएं शिक्षित होंगी तो विभिन्न सामाजिक कुरीतियां दहेज प्रथा, नशा उन्मूलन, लिंग भेद से लड़ सकेंगी। क्योंकि उनके दुष्परिणाम से भी वे भलीं-भाति परिचित होंगी। उन्होंने कहा कि इन सामाजिक कुरीतियों से हर महिला को गुजरना होता है। इसलिये अपनी बेटियों को भी शिक्षित करें ताकि वे विभिन्न सामाजिक कुरीतियों से बच सकें।
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इस अवसर पर राज्यपाल ने नाबार्ड द्वारा प्रदेश की 10 हजार ग्रामीण महिलाओं को 1000 स्वयं सहायता समूहों के रूप में संगठित करने हेतु एक करोड़ रूपये की धनराशि का स्वीकृत पत्र भेंट किया। उन्होंने नाबार्ड से कहा कि यह धनराशि और अधिक होनी चाहिये। बाल विकास राज्य मंत्री स्वाती सिंह ने कहा किसी भी समाज अथवा घर को सजाने संवारने में महिला की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिये हर किसी महिला के महत्व को समझना चाहिये। यदि महिलायें आत्मनिर्भर बनेंगी तो आर्थिक रूप से सशक्त होगी और उनका घर परिवार तथा देश भी सशक्त होगा।इस अवसर पर 75 जिलों की महिलाएं अपने उत्पाद के साथ राजभवन में उपस्थित हुई हैं। कार्यक्रम में नाबार्ड के मुख्य महा प्रबन्धक डॉ. डीएस चौहान, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, केजीएमयू, लविवि, एकेटीयू, पुनर्वास विवि के कुलपति तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।