घर लाया गया लोकभवन के सामने आत्मदाह करने वाली महिला का शव, बेटी दाह संस्कार न करने पर अड़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच दिन पूर्व लखनऊ स्थित लोकभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाली महिला की बुधवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत का पता चलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। शव कस्बा पहुंचने से पहले पूरे कस्बे को छावनी में तब्दील करने के साथ ही एडीएम व एएसपी कस्बे में कैंप कर रहे हैं।
जामो कस्बे की रहने वाली साफिया का पड़ोसी अर्जुन साहू से नाली को लेकर विवाद चल रहा है। नौ मई को दोनों पक्षों में मारपीट हुई। मारपीट के बाद पुलिस ने गुड़िया की तहरीर पर अर्जुन साहू समेत चार लोगों पर छेड़खानी का तो अर्जुन साहू की तहरीर पर साफिया व गुड़िया समेत चार लोगों के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया था।
इस मामले में पुलिस पर पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए साफिया व गुड़िया ने विगत 17 जुलाई को लखनऊ स्थित लोकभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था। गंभीर रूप से झुलसी साफिया व गुड़िया को सिविल अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती किया गया था जहां बुधवार सुबह साफिया की मौत हो गई।
मौत की खबर सार्वजनिक होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। आननफानन एडीएम वंदिता श्रीवास्तव व एएसपी दयाराम जामो पहुंच गए, और साफिया के घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए थाने पर बैठकर हालात का जायजा लिया। सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने कस्बे में पैदल मार्च भी किया।
आवाज दबा रही यूपी पुलिस
मां के शव के साथ घर पहुंची गुड़िया ने पुलिस पर गंभीर आरोप मढ़े। उसने चीख-चीखकर कहा कि लखनऊ से लेकर अमेठी तक की पुलिस उसकी आवाज दबाने में लगी है, लेकिन वह झुकेगी नहीं। गुड़िया ने मां का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
उसका कहना था कि मामले में एसपी, एएसपी व सीओ पर हत्या का केस दर्ज होने के बाद ही वह मां का अंतिम संस्कार होने देगी। खबर लिखे जाने तक एडीएम व एएसपी गुड़िया व उसके भाई इस्लाम को महिला का अंतिम संस्कार करने के लिए समझाने में जुटे थे। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव का कहना है कि गुड़िया अपनी मां का दाह संस्कार न करने पर अड़ी है उसको समझाया जा रहा है।