{"_id":"69e53c19b916c20df00b7618","slug":"woman-dies-in-private-hospital-staff-and-family-members-fight-lucknow-news-c-13-lko1070-1698845-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: निजी अस्पताल में महिला की मौत, स्टाफ और परिजनों में मारपीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: निजी अस्पताल में महिला की मौत, स्टाफ और परिजनों में मारपीट
विज्ञापन
लखनऊ। पीजीआई क्षेत्र के वृंदावन योजना स्थित वेलसन हॉस्पिटल में रविवार शाम इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। भड़के परिजनों ने इलाज में लापरवाही और वसूली का आरोप लगाकर हंगामा किया। स्टाफ और परिजनों में मारपीट भी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। परिजनों ने सीएमओ से शिकायत की बात कही है।
फतेहपुर निवासी रंजना तिवारी (31) को ब्रेन हैमरेज होने पर 12 अप्रैल को वेलसन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मृतका के पति आदित्य तिवारी के मुताबिक इलाज के नाम पर करीब सात लाख रुपये जमा कराए जा चुके थे। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद 24 घंटे में रंजना को होश आने का दावा किया गया था। हालांकि ऑपरेशन के बाद भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। महिला को होश तक नहीं आया। रविवार को इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद और रुपये मांगे जाने पर परिजन भड़क गए। परिजनों का कहना है कि अस्पताल कर्मियों ने मारपीट की। अस्पताल के सीजीएम आरएस तिवारी का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि दो लाख रुपये से अधिक का भुगतान बकाया था, जिसे लेकर परिजनों ने हंगामा किया और सुरक्षा कर्मी के साथ मारपीट की।
परिजनों के जरिये शिकायत पत्र मिलता है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही और वसूली के आरोप सही मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
फतेहपुर निवासी रंजना तिवारी (31) को ब्रेन हैमरेज होने पर 12 अप्रैल को वेलसन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मृतका के पति आदित्य तिवारी के मुताबिक इलाज के नाम पर करीब सात लाख रुपये जमा कराए जा चुके थे। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद 24 घंटे में रंजना को होश आने का दावा किया गया था। हालांकि ऑपरेशन के बाद भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। महिला को होश तक नहीं आया। रविवार को इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद और रुपये मांगे जाने पर परिजन भड़क गए। परिजनों का कहना है कि अस्पताल कर्मियों ने मारपीट की। अस्पताल के सीजीएम आरएस तिवारी का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि दो लाख रुपये से अधिक का भुगतान बकाया था, जिसे लेकर परिजनों ने हंगामा किया और सुरक्षा कर्मी के साथ मारपीट की।
विज्ञापन
परिजनों के जरिये शिकायत पत्र मिलता है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही और वसूली के आरोप सही मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ