तेरहवीं पत्नी की हत्या करने वाले का सच, पत्नियों ने सुनाई शौहर की हैवानियत की कहानियां
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चौदहवीं पत्नी की खातिर तेरहवीं पत्नी की हत्या का आरोपी मुस्तकीम पत्नियों पर जुल्म-ओ-सितम की इंतिहां करता था। ‘अमर उजाला की टीम’ ने मंगलवार को मुस्तकीम की प्रताड़ना की शिकार पत्नियों के बारे में पड़ताल की तो थाना क्षेत्र फुरसतगंज और परशेदपुर के अलग-अलग स्थानों पर अपने परिवार के साथ रह रहीं उसकी चार पूर्व पत्नियां मिलीं।
जिनसे उसके पांच बच्चे हैं। तीन बेटे और दो बेटियां। इन पत्नियों के जेहन में आज भी आरोपी के ढाए गए जुल्म की यादें ताजा हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपी मुस्तकीम जब दूसरी महिला को शादी करने के लिए राजी कर लेता था तो घर में मौजूद पत्नी पर जुल्म ढाना शुरू कर देता था। प्रताड़ित होने पर वो घर छोड़कर चली जाती या फिर उनको भगा दिया जाता। पीड़ित महिलाएं न्याय की खातिर इधर-उधर भटकती रहीं। न तो खाकी वालों ने साथ दिया और न ही समाज ने।
एक बार फिर उसका दिल रोखा की रहने वाली14वीं पत्नी पर आ गया। 13वीं पत्नी रेश्मा (24) ने जब इसका विरोध किया तो उसे मौत के घाट उतार दिया।
दूसरी महिला से बात करने से मना करने पर देता था धमकी
उनका कहना था कि शादी के बाद कुछ दिन तक तो ठीकठाक रहता था। इसके बाद मुस्तकीम दूसरी महिला से बात करने लगता था। जब इसका विरोध किया जाता तो मुस्तकीम बुरी तरह प्रताड़ित करता था। जान से मारने की धमकी देता था।
पूर्व पत्नियों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की एक पत्नी इस दुनिया में नहीं है। उसके साथ क्या हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई। उसकी व्यथा बताने वाला कोई नहीं है। जानकारी के मुताबिक इस पत्नी से उसके तीन बच्चे हैं, जो हत्या आरोपी के घर में ही रहते हैं, लेकिन उन्हें भी पिता का प्यार नहीं मिला।
मुस्तकीम की 75 वर्षीय मां कुरशम बानो कहती है कि बेटे को कई बार ठीक रास्ते पर चलने की बात कही, लेकिन उसने कभी उसकी बात नहीं मानी। वह उसी रास्ते पर चला, जिसमें उसका मन आया। इसकी आदतों की वजह से रिश्ता तोड़ लिया था। बात नहीं करती थी।