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Lucknow News: खिड़की की गुणवत्ता थी खराब, देने होंगे 23 हजार
Wed, 29 Jul 2026 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:38 AM IST
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सुल्तानपुर। घर में खराब गुणवत्ता की खिड़की लगाने और तय मानक के अनुसार काम न करने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बढ़ई को उपभोक्ता को 23 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा कि बढ़ई की ओर से दी गई सेवा में कमी रही है। यदि दो माह के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो पूरी राशि पर निर्णय की तिथि से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
यह मामला शहर के बढ़ैयावीर निवासी राम किशुन यादव का है। उन्होंने पांच अगस्त 2023 को आयोग में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि धम्मौर के बनकेपुर निवासी बढ़ई मो. अजहर अजहरुद्दीन ने तय समझौते के अनुसार नीम की लकड़ी की खिड़की और अन्य सामग्री नहीं लगाई। इसके साथ ही सड़ी हुई लकड़ी का इस्तेमाल किया, जबकि वह 38 हजार रुपये का भुगतान कर चुके थे।
सुनवाई के दौरान विपक्षी मो. अजहर ने 22 हजार रुपये मजदूरी मिलने की बात स्वीकार की और दावा किया कि परिवादी ने 12 हजार रुपये मजदूरी का भुगतान नहीं किया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष राम लखन सिंह चंद्रौल और सदस्य भारत भूषण ने परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार किया। आयोग ने बढ़ई को 22 हजार रुपये वापस करने और शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए एक हजार रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया।
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यह मामला शहर के बढ़ैयावीर निवासी राम किशुन यादव का है। उन्होंने पांच अगस्त 2023 को आयोग में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि धम्मौर के बनकेपुर निवासी बढ़ई मो. अजहर अजहरुद्दीन ने तय समझौते के अनुसार नीम की लकड़ी की खिड़की और अन्य सामग्री नहीं लगाई। इसके साथ ही सड़ी हुई लकड़ी का इस्तेमाल किया, जबकि वह 38 हजार रुपये का भुगतान कर चुके थे।
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सुनवाई के दौरान विपक्षी मो. अजहर ने 22 हजार रुपये मजदूरी मिलने की बात स्वीकार की और दावा किया कि परिवादी ने 12 हजार रुपये मजदूरी का भुगतान नहीं किया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष राम लखन सिंह चंद्रौल और सदस्य भारत भूषण ने परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार किया। आयोग ने बढ़ई को 22 हजार रुपये वापस करने और शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए एक हजार रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया।
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