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बूस्टर डोज लगवाने जाना पड़ेगा लखनऊ
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रायबरेली। कोरोना के कहर से लोगों को बचाने के लिए सरकारी अस्पतालों में प्रीकॉशन डोज की सुविधा बंद किए जाने के बाद युवाओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अप्रैल माह में करीब सात लाख युवाओं को बूस्टर डोज की जरूरत है, लेकिन जिले के निजी अस्पतालों में टीकाकरण की सुविधा नहीं हो सकी है। ऐसे में बूस्टर डोज के लिए युवाओं को लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। जिले में आम लोगों में बूस्टर डोज की सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
जिले के लोगों को कोरोना के कहर से बचाने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक 25 लाख लोगों से अधिक को कोरोना टीके की पहली डोज के साथ ही दूसरी डोज का टीका मिल चुका है। सरकार ने आम लोगों को बूस्टर डोज की सुविधा निजी अस्पतालों में देने के आदेश दिए हैं। बूस्टर डोज के लिए लोगों को अब 600 रुपये चुकाने पड़ेंगे। सरकारी अस्पतालों में आम लोगों को बूस्टर टीके नहीं लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि सरकार ने निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगवाने के आदेश दिए हैं, लेकिन जिले के किसी भी निजी अस्पताल में टीकाकरण की व्यवस्था नहीं की गई है।
टीकाकरण के लिए सामने आने के बाद निजी अस्पतालों को कंपनी से सीधे वैक्सीन लेकर 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज देनी है, लेकिन जिले में अब तक कोई भी निजी अस्पताल इसके लिए सामने नहीं आया है। अप्रैल महीने तक करीब सात लाख लोग बूस्टर डोज के लिए पात्र हो गए हैं, क्योंकि उन्हें द्वितीय डोज का टीका नौ माह पहले लग चुका है। जिले में बूस्टर डोज की सुविधा न होने के कारण लोगों को लखनऊ या अन्य बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। ऐसी स्थिति में बूस्टर डोज के लिए युवाओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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सिर्फ हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुर्गों को फ्री बूस्टर डोज
शासन ने जिले मेँ सिर्फ हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुर्गों को फ्री बूस्टर डोज लगाने की सुविधा दी है। इसमें 51728 वृद्धजन, 13958 फ्रंटलाइन वर्कर और 11523 हेल्थ वर्करों को ही सरकारी अस्पतालों में बूस्टर डोज का टीका मिल सकेगा। इसके अलावा जिसे भी बूस्टर डोज का टीका लगवाना है, उसे निजी अस्पताल में जाकर 600 रुपये चुकानें पड़ेंगे। हालांकि जिले स्तर पर अब तक शुल्क वाले टीके की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
केंद्रीय विद्यालय के 107 बच्चों को लगाए टीके
जिले में 15 साल से कम उम्र के बच्चों में टीकाकरण शुरू होने के बाद सोमवार को शहर के गोराबाजार स्थित केंद्रीय विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर 107 बच्चों को टीके लगाए। एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय में प्रथम पाली में टीम ने 107 बच्चों में टीके लगाए गए हैं। मंगलवार को भी टीकाकरण किया जाएगा।
18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज मिलेगी। हालांकि जिले में अब तक किसी भी निजी अस्पताल ने इसके लिए अर्जी नहीं दी है। कंपनी से सीधे अस्पतालों को वैक्सीन लेकर बूस्टर डोज लगानी है। बुजुर्गों, फ्रंट व हेल्थ वर्करों को सरकारी अस्पतालों में ही बूस्टर डोज मिलेगी। -डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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जिले के लोगों को कोरोना के कहर से बचाने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक 25 लाख लोगों से अधिक को कोरोना टीके की पहली डोज के साथ ही दूसरी डोज का टीका मिल चुका है। सरकार ने आम लोगों को बूस्टर डोज की सुविधा निजी अस्पतालों में देने के आदेश दिए हैं। बूस्टर डोज के लिए लोगों को अब 600 रुपये चुकाने पड़ेंगे। सरकारी अस्पतालों में आम लोगों को बूस्टर टीके नहीं लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि सरकार ने निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगवाने के आदेश दिए हैं, लेकिन जिले के किसी भी निजी अस्पताल में टीकाकरण की व्यवस्था नहीं की गई है।
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टीकाकरण के लिए सामने आने के बाद निजी अस्पतालों को कंपनी से सीधे वैक्सीन लेकर 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज देनी है, लेकिन जिले में अब तक कोई भी निजी अस्पताल इसके लिए सामने नहीं आया है। अप्रैल महीने तक करीब सात लाख लोग बूस्टर डोज के लिए पात्र हो गए हैं, क्योंकि उन्हें द्वितीय डोज का टीका नौ माह पहले लग चुका है। जिले में बूस्टर डोज की सुविधा न होने के कारण लोगों को लखनऊ या अन्य बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। ऐसी स्थिति में बूस्टर डोज के लिए युवाओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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सिर्फ हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुर्गों को फ्री बूस्टर डोज
शासन ने जिले मेँ सिर्फ हेल्थ, फ्रंटलाइन वर्करों व बुजुर्गों को फ्री बूस्टर डोज लगाने की सुविधा दी है। इसमें 51728 वृद्धजन, 13958 फ्रंटलाइन वर्कर और 11523 हेल्थ वर्करों को ही सरकारी अस्पतालों में बूस्टर डोज का टीका मिल सकेगा। इसके अलावा जिसे भी बूस्टर डोज का टीका लगवाना है, उसे निजी अस्पताल में जाकर 600 रुपये चुकानें पड़ेंगे। हालांकि जिले स्तर पर अब तक शुल्क वाले टीके की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
केंद्रीय विद्यालय के 107 बच्चों को लगाए टीके
जिले में 15 साल से कम उम्र के बच्चों में टीकाकरण शुरू होने के बाद सोमवार को शहर के गोराबाजार स्थित केंद्रीय विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर 107 बच्चों को टीके लगाए। एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय में प्रथम पाली में टीम ने 107 बच्चों में टीके लगाए गए हैं। मंगलवार को भी टीकाकरण किया जाएगा।
18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज मिलेगी। हालांकि जिले में अब तक किसी भी निजी अस्पताल ने इसके लिए अर्जी नहीं दी है। कंपनी से सीधे अस्पतालों को वैक्सीन लेकर बूस्टर डोज लगानी है। बुजुर्गों, फ्रंट व हेल्थ वर्करों को सरकारी अस्पतालों में ही बूस्टर डोज मिलेगी। -डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ