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Lucknow News: कोचिंग सेंटर के आसपास मौत का मकड़जाल
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तारों के मकड़जाल के बीच कोचिंग संस्थानों में आग बुझाने का सही इंतजाम नहीं मिला।
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लखनऊ। वर्ष 2022 में कोचिंग संस्थान में आग की घटनाओं के बाद भी कोचिंग संचालक और अफसर छात्रों की सुरक्षा को लेकर सजग नहीं हुए। हजरतगंज और अन्य स्थानों पर संचालित कोचिंग संस्थानों के परिसर और आसपास आज भी मौत का मकड़जाल फैला है। संकरा रास्ता, आने-जाने का एक ही जीना, बिजली के तारों का जाल और आग से बचाव के आधे-अधूरे इंतजाम कोचिंग संचालकों की अनदेखी उजागर कर रहे हैं। पोस्टर से पटे भवन, गेट के समीप वाहनों की पार्किंग से जोखिम और ज्यादा बढ़ गया है। अगर हादसा हुआ तो नुकसान का अंदाजा लगाना भी मुश्किल होगा।
तारों का मकड़जाल, आने-जाने का सिर्फ एक रास्ता
हजरतगंज में शाहनजफ रोड पर कैलाशकला भवन और आसपास संचालित कोचिंग संस्थानाें के गेट के समीप सिर्फ बिजली के तारों का मकड़जाल दिखता है। कई तारों के जोड़ भी खुले हैं। मुख्य सड़क से कोचिंग तक आने का रास्ता भी संकरा है। इस सड़क पर भी बाइक और अन्य वाहन खड़े रहते हैं। एक कोचिंग संस्थान के तो परिसर में ही बिजली का खंभा लगा है। खंभे से लटकते तार जोखिम बढ़ा रहे हैं। कोचिंग में कुछ फायर सिलिंडर तो नजर आए, लेकिन इनकी एक्सपायरी डेट पर ध्यान नहीं दिया गया।
तीन फिट का जीना, गैलरी बमुश्किल पांच फिट
नवल किशोर मार्ग के एक भवन में कई कोचिंग संस्थानों के बोर्ड लगे हैं। इस भवन के गेट पर तारों का मकड़जाल और गेट के पास तक वाहनों की पार्किंग हैं। दूसरे तल पर संचालित एक कोचिंग तक पहुंचने के लिए सिर्फ तीन फीट का जीना है। कोचिंग के सामने की गैलरी भी बमुश्किल पांच फीट चौड़ी है। अगर कोई हादसा होता है तो छात्र कोचिंग से बाहर भी नहीं निकल पाएंगे। एक अन्य भवन के पास भी तारों का मकड़जाल और वाहनों की पार्किंग से रास्ता जाम दिखा।
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चार साल पहले हुई थीं कई घटनाएं
सितंबर 2022 में हजरतगंज स्थित कैलाश कला भवन में रॉयल कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटनाएं हुई थीं। जांच में कई संस्थानों के पास फायर एनओसी भी नहीं मिली थी। नवंबर 2022 में प्रिंस मार्केट में संचालित कोचिंग संस्थान में आग लगी थी। जून 2024 में स्कॉलर्स फोरम हॉस्टल में एसी फटने से आग लगी थी। शीशे को तोड़कर छात्राओं को बचाया गया था। इन घटनाओं से भी कोचिंग संचालकों ने सबक नहीं लिया है। आज भी अधिकांश कोचिंग संस्थान के आसपास खतरा मंडरा रहा है।
वर्ष 2023 में 17 कोचिंग संस्थानों को जारी किया गया था नोटिस
वर्ष 2023 में दमकल विभाग ने 17 ऐसे कोचिंग संस्थानों को चिह्नित किया था, जिनमें कई खामियां थीं। इनमें से पांच संस्थानों ने दमकल विभाग के सारे मानक पूरे कर लिए थे, जबकि 12 ने कोई इंतजाम पूरे नहीं किए थे। ऐसे में पूर्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी मंगेश कुमार ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर उनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की थी।
Iकोचिंग संस्थानों और स्कूलों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। कुछ कोचिंग संस्थानों के संचालकों को नोटिस भी जारी किए जाएंगे। I
I- अंकुश मित्तल, मुख्य अग्निशमन अधिकारीI
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तारों का मकड़जाल, आने-जाने का सिर्फ एक रास्ता
हजरतगंज में शाहनजफ रोड पर कैलाशकला भवन और आसपास संचालित कोचिंग संस्थानाें के गेट के समीप सिर्फ बिजली के तारों का मकड़जाल दिखता है। कई तारों के जोड़ भी खुले हैं। मुख्य सड़क से कोचिंग तक आने का रास्ता भी संकरा है। इस सड़क पर भी बाइक और अन्य वाहन खड़े रहते हैं। एक कोचिंग संस्थान के तो परिसर में ही बिजली का खंभा लगा है। खंभे से लटकते तार जोखिम बढ़ा रहे हैं। कोचिंग में कुछ फायर सिलिंडर तो नजर आए, लेकिन इनकी एक्सपायरी डेट पर ध्यान नहीं दिया गया।
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तीन फिट का जीना, गैलरी बमुश्किल पांच फिट
नवल किशोर मार्ग के एक भवन में कई कोचिंग संस्थानों के बोर्ड लगे हैं। इस भवन के गेट पर तारों का मकड़जाल और गेट के पास तक वाहनों की पार्किंग हैं। दूसरे तल पर संचालित एक कोचिंग तक पहुंचने के लिए सिर्फ तीन फीट का जीना है। कोचिंग के सामने की गैलरी भी बमुश्किल पांच फीट चौड़ी है। अगर कोई हादसा होता है तो छात्र कोचिंग से बाहर भी नहीं निकल पाएंगे। एक अन्य भवन के पास भी तारों का मकड़जाल और वाहनों की पार्किंग से रास्ता जाम दिखा।
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चार साल पहले हुई थीं कई घटनाएं
सितंबर 2022 में हजरतगंज स्थित कैलाश कला भवन में रॉयल कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटनाएं हुई थीं। जांच में कई संस्थानों के पास फायर एनओसी भी नहीं मिली थी। नवंबर 2022 में प्रिंस मार्केट में संचालित कोचिंग संस्थान में आग लगी थी। जून 2024 में स्कॉलर्स फोरम हॉस्टल में एसी फटने से आग लगी थी। शीशे को तोड़कर छात्राओं को बचाया गया था। इन घटनाओं से भी कोचिंग संचालकों ने सबक नहीं लिया है। आज भी अधिकांश कोचिंग संस्थान के आसपास खतरा मंडरा रहा है।
वर्ष 2023 में 17 कोचिंग संस्थानों को जारी किया गया था नोटिस
वर्ष 2023 में दमकल विभाग ने 17 ऐसे कोचिंग संस्थानों को चिह्नित किया था, जिनमें कई खामियां थीं। इनमें से पांच संस्थानों ने दमकल विभाग के सारे मानक पूरे कर लिए थे, जबकि 12 ने कोई इंतजाम पूरे नहीं किए थे। ऐसे में पूर्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी मंगेश कुमार ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर उनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की थी।
Iकोचिंग संस्थानों और स्कूलों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। कुछ कोचिंग संस्थानों के संचालकों को नोटिस भी जारी किए जाएंगे। I
I- अंकुश मित्तल, मुख्य अग्निशमन अधिकारीI

तारों के मकड़जाल के बीच कोचिंग संस्थानों में आग बुझाने का सही इंतजाम नहीं मिला।

तारों के मकड़जाल के बीच कोचिंग संस्थानों में आग बुझाने का सही इंतजाम नहीं मिला।

तारों के मकड़जाल के बीच कोचिंग संस्थानों में आग बुझाने का सही इंतजाम नहीं मिला।

तारों के मकड़जाल के बीच कोचिंग संस्थानों में आग बुझाने का सही इंतजाम नहीं मिला।

तारों के मकड़जाल के बीच कोचिंग संस्थानों में आग बुझाने का सही इंतजाम नहीं मिला।

तारों के मकड़जाल के बीच कोचिंग संस्थानों में आग बुझाने का सही इंतजाम नहीं मिला।