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'सत्ता में रहें या नहीं, मुसलमानों का देंगे साथ'
अखिलेश वाजपेई/लखनऊ
Updated Tue, 05 Nov 2013 10:35 PM IST
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि चाहे वे सरकार में रहे हों या नहीं, हमेशा वे मुसलमानों के साथ रहे हैं और आगे भी रहेंगे।
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मुलायम ने कहा कि मुसलमानों के दुखदर्द में वे हमेशा शामिल रहे हैं।
सपा मुस्लिमों की समस्याओं से पूरी तरह वाकिफ है। सपा ने हमेशा उनकी भाषा, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा की है। आगे भी इसकी गारंटी देती है।
पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र में भी इसका वादा है। सपा सांप्रदायिक शक्तियों को सिर उठाने का मौका नहीं देगी।
वे मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर कानपुर, खुर्जा, बिजनौर, लखनऊ व रायबरेली से आए मौलानाओं को संबोधित कर रहे थे।
यादव ने दोहराया कि मुस्लिमों की पूरी मदद से ही सूबे में समाजवादी पार्टी की बहुमत वाली सरकार बनी। सपा का जन्म ही सांप्रदायिकता की चुनौती को स्वीकार करने के लिए हुआ।
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सपा ने पूरी ताकत के साथ सांप्रदायिकता के दैत्य को उत्तर प्रदेश की सीमा से बाहर खदेड़ दिया। पर सांप्रदायिकता का राक्षस सिर उठाता रहता है।
लोकसभा का चुनाव राजनीति को नई दिशा देने वाले होंगे। इस चुनाव में भी सपा को मुसलमानों की मदद की जरूरत है।
सपा ने बहुत कुछ किया मुसलमानों के लिए
सपा मुखिया ने मौलानाओं को बताया कि पहले कांग्र्रेस राज में पुलिस में एक से डेढ़ प्रतिशत मुसलमानों की ही भर्ती होती थी।
सपा पहली बार सत्ता में आई तो उसने 9 प्रतिशत भर्तियां कीं। हर बार सत्ता में आने पर भर्तियां बढ़ाई गईं।
पहले 10.6 प्रतिशत फिर 14.15 प्रतिशत और इस बार 27 प्रतिशत तक मुसलमानों की भर्तियां की गईं। मुजफ्फरनगर में मृतक परिवारों को 10-10 लाख रुपये की मदद दी गई।
आवास बनाने के लिए 1800 मुस्लिम परिवारों को 5-5 लाख रुपये दिए गए हैं। किसी सरकार ने मुसलमानों की कभी इतनी मदद नहीं की।
कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनवाने के लिए सरकार बजट में धन की व्यवस्था कर चुकी है। मदरसों को मदद दी जा रही है।
साफ दिख रहा आजम के खौफ का असर
10वीं पास मुस्लिम लड़कियों को 30 हजार रुपये अनुदान दिया जा रहा है। तमाम घरों में लैपटॉप पहुंचे हैं।
मुस्लिमों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था की गई है। आजादी के बाद सबसे ज्यादा मुस्लिम मंत्री समाजवादी पार्टी की सरकार में बने हैं।
दंगा भड़काने वालों पर एनएसए व गैंगस्टर
मुलायम ने कहा कि दंगों में शामिल या दंगा भड़काने वालों के साथ कोई रियायत नहीं की जाएगी।
उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए)और गैंगस्टर लगाया जाएगा। इतनी कठोर कार्रवाई होगी कि दोबारा ऐसे लोग सिर उठाने की जुर्रत न कर सकें।
मौलानाओं ने जताया आभार
मौलानाओं ने कहा,‘नेताजी आपने बाबरी मस्जिद बचाई थी तब से आज तक आप उसी रास्ते पर हैं। आपमें कोई अंतर नहीं आया है। हम सब 2014 में सपा की जीत की दुआ करते हैं।
मुलायम से मिलने आए मौलानाओं में मो. जफर मसूद किछौछवी, शेख सुलेमान (बिजनौर), हाजी अजीजो व हाजी राशिद (खुर्जा), इमरान काजी (सहारनपुर) मुफ्ती-ए-शहर पीलीभीत, सैयद प्रधान, मसूद आलम नदवी (नसीराबाद, रायबरेली) मौलाना सज्जाद रजा (लखनऊ) इंसाफ रजा खां नन्दी (घाटमपुर-कानपुर) शामिल थे।