‘भाजपा के लिए जमीन तैयार करना हमारा काम नहीं’
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भाजपा के साथ नाम चस्पा होने से एक बार फिर पल्ला झाड़ा है। सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में संघ के सरकार्यवाह सुरेश जोशी ‘भैयाजी’ ने कहा कि भाजपा या किसी पार्टी के लिए जमीन तैयार करना हमारा काम नहीं है।
संघ तो सिर्फ जनजागरण करता है। उसने यही काम लोकसभा चुनाव में किया, जिससे देश के अंदर बदलाव का वातावरण बना। बदलाव की बयार लोकसभा चुनाव से शुरू होकर महाराष्ट्र व हरियाणा विधानसभा चुनाव तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा, संघ ने लोगों से लोकसभा चुनाव में सौ प्रतिशत मतदान का आह्वान किया। मतदान सौ प्रतिशत तो नहीं हुआ लेकिन ज्यादा मतदान के कारण ही केंद्र में परिवर्तन हुआ। यह बदलाव संघ के कारण नहीं, बल्कि मतदाताओं में तत्कालीन सत्ता से क्षोभ के कारण हुआ।
लोग भ्रष्टाचार, देश की सीमाओं पर असुरक्षा बढ़ने और सरकार की भेदभावपूर्ण नीति से क्षुब्ध व चिंतित थे। संघ भी ऐसा ही महसूस कर रहा था। संघ ने मतदान के लिए घरों से निकलने का आह्वान किया। लोगों ने सत्ता बदलने के लिए मतदान किया। संघ ने पूरे अभियान में किसी राजनीतिक दल के लिए मतदान की अपील नहीं की।
सरकार में संघ के कई आदमी
इस सवाल पर कि नई सरकार से संघ क्या उम्मीद करता है? जोशी ने जवाब दिया कि संघ सभी सरकारों से उम्मीद करता है कि वह समाज की प्राथमिकताओं को समझे और उसके अनुसार शासन की शक्ति का प्रयोग करे।
जनसमस्याओं का समाधान आसानी से हो। सभी को समान रूप से तरक्की के अवसर मिलें। यही अपेक्षा नई सरकार से है। यह बात सही है कि केंद्र की नई सरकार में कई संघ के स्वयंसेवक हैं। इसलिए स्वाभाविक रूप से न सिर्फ हमारी बल्कि समाज की भी इस सरकार से कुछ ज्यादा अपेक्षाएं हैं। इसका ध्यान सरकार को रखना चाहिए।
शिवसेना से समर्थन का संकेत: इस सवाल पर कि महाराष्ट्र में एनसीपी ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की बात कही है। संघ का इस बारे में क्या मानना है? जोशी ने कहा, यह राजनीतिक मुद्दा है। भाजपा शिवसेना से समर्थन लेगी या किसी और से, इसका फैसला उसे ही करना है।
जहां तक संघ की बात है तो उसे उम्मीद है कि भाजपा महाराष्ट्र की जनभावनाओं का खयाल रखेगी। माना जा रहा है कि जोशी का यह जवाब महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को शिवसेना से समर्थन लेने का संकेत है।
अलग-अलग नामों से 45 देशों में काम कर रहा है संघ
दूसरे देशों में संघ की शाखाओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम से काम सिर्फ भारत की सीमा में ही है।
वैसे, हमारा काम दुनिया के 45 देशों में है लेकिन यह अलग-अलग नामों से है। कहीं भारतीय स्वयंसेवक संघ तो कहीं किसी अन्य नाम से।