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Lucknow News: सातों दिन 24 घंटे मिलेगा पानी, खत्म होगी टेंशन
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पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने पाइपलाइन बिछाने के काम का शिलान्यास किया।
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लखनऊ। शहर में 24 घंटे सातों दिन पानी की आपूर्ति की सुविधा की योजना के पायलट प्रोजेक्ट पर सोमवार से काम शुरू हो गया। पाइपलाइन बिछाने से लेकर टंकी बनाने तक का काम डेढ़ वर्ष में पूरा होगा।
इस पर आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत वाटर मीटर भी लगाए जाएंगे। ऐसे में जो जितना पानी खर्च करेगा, उसे उतना बिल भरना होगा। अभी वाटर मीटर से बिलिंग नहीं होती है।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चिनहट द्वितीय वार्ड को चुना गया है। इसके गोमतीनगर के वास्तुखंड सेक्टर एक व दो में काम शुरू किया गया है। पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने पाइपलाइन बिछाने के काम का शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि वास्तुखंड एक व दो में करीब एक हजार मकान हैं।
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शहर में अभी जलकल विभाग सुबह और शाम दो वक्त पानी की आपूर्ति करता है। इस योजना से आने के बाद पानी भरने के लिए टुल्लू नहीं चलाना पड़ेगा और टंकी की जरूरत भी नहीं रह जाएगी। इससे बिजली का खर्च भी बचेगा।
बिछेगी नई पाइप लाइन, लगेंगे मीटर
जल निगम के मुख्य अभियंता शमीम अख्तर ने बताया कि वास्तुखंड में घरों तक नई पाइपलाइन बिछाने के साथ वाटर मीटर भी लगाए जाएंगे। पानी के इस्तेमाल के अनुसार बिल लिया जाएगा, लेकिन यह व्यवस्था योजना पूरी होने के कई महीने बाद लागू होगी। पहले देखा जाएगा कि हर घर तक जरूरत के हिसाब से 24 घंटे सातों दिन पानी मिल रहा है या नहीं। पानी जमा करने के लिए 1350 किलोलीटर क्षमता की नई टंकी भी बनाई जाएगी।
रोजाना 24 लाख लीटर पानी होगा खर्च
मुख्य अभियंता ने बताया कि आकलन के मुताबिक क्षेत्र में रोजाना करीब 24 लाख लीटर पानी खर्च होगा। ऐसे में ध्यान रखा जाएगा कि टंकी में पानी हमेशा बना रहे। इसके लिए पानी की लाइन में डिजिटल सिस्टम वाले ऑटोमैटिक मीटर भी लगाए जाएंगे, जो पोर्टल से जुड़े रहेंगे। इससे पता चलता रहेगा कि कितना पानी खर्च हो गया और कितना बचा है।
तीन वर्ष की देरी से शुरू हुआ काम
यह योजना वर्ष 2024 में आई थी, पर इस पर काम अब शुरू हुआ है। शमीम अख्तर का कहना है कि पुराने प्रोजेक्ट में नई टंकी नहीं बनाई जानी थी। आईआईटी बीएचयू से कराई जांच में सामने आया कि पुरानी टंकी से काम नहीं चल पाएगा। इस कारण प्रोजेक्ट में संशोधन कराना पड़ा, जिसमें देरी हुई।
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इस पर आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत वाटर मीटर भी लगाए जाएंगे। ऐसे में जो जितना पानी खर्च करेगा, उसे उतना बिल भरना होगा। अभी वाटर मीटर से बिलिंग नहीं होती है।
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पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चिनहट द्वितीय वार्ड को चुना गया है। इसके गोमतीनगर के वास्तुखंड सेक्टर एक व दो में काम शुरू किया गया है। पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने पाइपलाइन बिछाने के काम का शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि वास्तुखंड एक व दो में करीब एक हजार मकान हैं।
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शहर में अभी जलकल विभाग सुबह और शाम दो वक्त पानी की आपूर्ति करता है। इस योजना से आने के बाद पानी भरने के लिए टुल्लू नहीं चलाना पड़ेगा और टंकी की जरूरत भी नहीं रह जाएगी। इससे बिजली का खर्च भी बचेगा।
बिछेगी नई पाइप लाइन, लगेंगे मीटर
जल निगम के मुख्य अभियंता शमीम अख्तर ने बताया कि वास्तुखंड में घरों तक नई पाइपलाइन बिछाने के साथ वाटर मीटर भी लगाए जाएंगे। पानी के इस्तेमाल के अनुसार बिल लिया जाएगा, लेकिन यह व्यवस्था योजना पूरी होने के कई महीने बाद लागू होगी। पहले देखा जाएगा कि हर घर तक जरूरत के हिसाब से 24 घंटे सातों दिन पानी मिल रहा है या नहीं। पानी जमा करने के लिए 1350 किलोलीटर क्षमता की नई टंकी भी बनाई जाएगी।
रोजाना 24 लाख लीटर पानी होगा खर्च
मुख्य अभियंता ने बताया कि आकलन के मुताबिक क्षेत्र में रोजाना करीब 24 लाख लीटर पानी खर्च होगा। ऐसे में ध्यान रखा जाएगा कि टंकी में पानी हमेशा बना रहे। इसके लिए पानी की लाइन में डिजिटल सिस्टम वाले ऑटोमैटिक मीटर भी लगाए जाएंगे, जो पोर्टल से जुड़े रहेंगे। इससे पता चलता रहेगा कि कितना पानी खर्च हो गया और कितना बचा है।
तीन वर्ष की देरी से शुरू हुआ काम
यह योजना वर्ष 2024 में आई थी, पर इस पर काम अब शुरू हुआ है। शमीम अख्तर का कहना है कि पुराने प्रोजेक्ट में नई टंकी नहीं बनाई जानी थी। आईआईटी बीएचयू से कराई जांच में सामने आया कि पुरानी टंकी से काम नहीं चल पाएगा। इस कारण प्रोजेक्ट में संशोधन कराना पड़ा, जिसमें देरी हुई।