फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   water level decrease in kautha lake

प्यासे रह जाएंगे राजधानी के आधे लोग

Sat, 22 Feb 2014 02:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 22 Feb 2014 02:13 PM IST
विज्ञापन
water level decrease in kautha lake

जलकल विभाग तीसरे जलकल की क्षमता दोगुनी करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

विज्ञापन


इसी के साथ चौथे जलकल के निर्माण को लेकर भी चर्चा तेज हो गई लेकिन ये सारी कवायद हवाई ही साबित हो रही है।

हर तीसरे महीने तीसरा जलकल बंद होने की नौबत आ जाती है। इससे इंदिरानगर व गोमतीनगर में पानी सप्लाई के लिए नलकूपों का सहारा लेना पड़ता है।

कोर्ट के सख्त आदेश हैं कि भूगर्भ जल का दोहन रोका जाए। अब एक बार फिर कठौता झील में पानी कम होने से इंदिरानगर व गोमतीनगर में पानी सप्लाई का संकट झा गया है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अभी यह हाल है तो गर्मी में लोगों जरूरत भर पानी कैसे मिलेगा।

गोमती नगर स्थित तीसरे जलकल से इंदिरा नगर व गोमती नगर में पेयजल की आपूर्ति की जाती है।

इसकी मौजूदा क्षमता 80 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) है। जलकल को कच्चा पानी उपलब्ध कराने के लिए कठौता झील को शारदा नहर से जोड़ा गया है।

यह व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके इसके अब तक कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं।

तीन साल बीतने को हैं लेकिन जल निगम व जलकल विभाग अब तक सिंचाई विभाग से कठौता झील को नियमित पानी सप्लाई के लिए कोई करार नहीं कर सका है।

इसके चलते सिंचाई विभाग अक्सर पानी की आपूर्ति बंद कर देता है और जब-तब तीसरे जलकल से जुड़े इलाकों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है।

यह स्थिति तो तब है जब लोगों को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं है। अधिकारियों को की लापरवाही का यही रवैया रहा तो आने वाली गर्मी में लोगों भीषण पानी संकट का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन


कांग्रेस पार्षद दल के उप नेता मुकेश सिंह चौहान के मुताबिक अभी तो जलकल को जरूरत भर पानी मिल नहीं पा रहा है ऊपर से अधिकारियों ने उसकी क्षमता बढ़ाने का भी ऐलान कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों को पहले पानी की उपलब्धता का पक्का इंतजाम किया जाना चाहिए उसके बाद नई योजना बनाना चाहिए। सिर्फ कागजों में योजनाएं बनाने से कुछ नहीं बदलने वाला।


कठौता झील में एक सप्ताह का पानी
तीसरे जलकल की कठौता झील में अब एक सप्ताह का ही पानी शेष है। यदि सिंचाई विभाग ने पानी नहीं छोड़ा तो करीब तीन लाख लोगों के सामने पेयजल का संकट गहरा जाएगा।

हालांकि इससे बचने के लिए जलकल विभाग ने तीसरे जलकल से की जाने वाली जलापूर्ति में कटौती शुरू कर नलकूप चालू कर दिए गए हैं।

उसके बाद भी पेयजल की किल्लत बनी हुई है। इंदिरा नगर और गोमती नगर में अब सिर्फ  सुबह व शाम दो-दो घंटे ही आपूर्ति की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed