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वक्फ संपत्तियों की सीबीआई जांच का वसीम रिजवी ने किया स्वागत, योगी के मंत्री पर ही लगा दिए आरोप

Sun, 13 Oct 2019 03:05 PM IST
ishwar ashish lucknow, uttar pradesh, india
lucknow, uttar pradesh, india Published by: ishwar ashish Updated Sun, 13 Oct 2019 03:05 PM IST
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Wasim Rizvi welcomes the move of CBI investigation of Waqf properties.
शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी व राज्यमंत्री मोहसिन रजा। - फोटो : amar ujala

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने वक्फ संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की सीबीआई जांच कराने का स्वागत करते हुए योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा पर ही भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया है।

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उन्होंने वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि मोहसिन रजा जब कांग्रेस में हुआ करते थे तब अपने प्रभाव का दुरूपयोग करते हुए उन्होंने व उनके भाई व मां ने वक्फ की कई संपत्तियां बेंची। यहां तक कि जहां उनके नाना-नानी की कब्र थी वो जमीन भी बेंच दी। रिजवी ने जांच के फैसले का स्वागत करते हुए वक्फ बोर्ड द्वारा पूरा सहयोग किए जाने की बात कही।
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रिजवी ने बाबरी मामले के पक्षकार कल्बे जव्वाद पर भी वक्फ संपत्तियां बेचने का आरोप लगाया और कहा कि वक्फ बोर्ड भारत सरकार व सीबीआई को संपत्तियां बेचने व खरीदने वालों की दस्तावेजों सहित पूरी लिस्ट उपलब्ध करवाएगा जिसमें दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। रिजवी ने जारी किए गए वीडियो में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा वक्फ संपत्तियों को लेकर विजय माल्या पर कार्रवाई न किए जाने की सिफारिश करने का आरोप भी लगाया। दरअसल, यूपी सरकार ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है। प्रयागराज और लखनऊ में दर्ज मुकदमों को इसका आधार बनाया गया है।
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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा अनियमित रूप से क्रय-विक्रय और स्थानांतरित की गई वक्फ संपत्तियों की जांच और विवेचना सीबीआई से कराए जाने का फैसला किया गया है। पत्र में प्रयागराज की कोतवाली में 26 अगस्त, 2016 को दर्ज शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड और 27 मार्च, 2017 को लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में दर्ज मुकदमों की जांच का जिक्र है।


इस संबंध में सचिव कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय भारत सरकार और निदेशक सीबीआई को पत्र भेज दिया गया है। इन दोनों मामलों के साथ ही सुन्नी वक्फ बोर्ड में हुई अनियमितता की जांच भी सीबीआई से कराने की सिफारिश की गई है। हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड के किसी मुकदमे को फिलहाल स्थानांतरित नहीं किया गया है।

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