परिषदीय स्कूल: शौचालयो में ही ताला लगा देते हैं शिक्षक
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सर्व शिक्षा अभियान से अरबों रुपये मिलने के बाद भी परिषदीय स्कूलों का बुरा हाल है। छात्र-छात्राओं के लिए या तो अलग-अलग शौचालय नहीं हैं या फिर बने हैं तो कुछ में ताले लगे हुए हैं।
प्रदेश के 3,318 स्कूलों में तो पैसे दिए जाने के बाद भी शौचालय नहीं बने हैं। इनमें छात्रों के 2047 और छात्राओं के 1271 शौचालय बनाए जाने बाकी हैं। यह जानकारी सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय को मिली है।
निदेशालय ने इस पर ऐतराज जताते हुए स्कूलों में बंद शौचालयों को खोलने व शेष का निर्माण जल्द कराने का निर्देश दिया है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार हर साल राज्य को पैसे देती है।
इससे स्कूल भवन से लेकर शौचालय व बाउंड्रीवाल तक बनवाना होता है। परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाने के लिए पैसे दिए जाते हैं।
केंद्र ने तय किए शौचालयों के मानक
शिकायत तो यह भी है कि शिक्षक एक शौचालय में ताला लगवा देते हैं और इसका इस्तेमाल स्वयं करते हैं। इसके चलते छात्र-छात्राओं को परेशानी होती है।
गांधी जयंती पर एक साथ शिलान्यास
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर शौचालय विहीन स्कूलों में इसका निर्माण जल्द ही शुरू कराने को कहा है।
सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहते हैं कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, वहां गांधी जयंती पर 2 अक्तूबर को एक साथ इनका निर्माण शुरू कराया जाए। शौचालय केंद्र सरकार के मानक के अनुसार ही बनाए जाएंगे।