{"_id":"ed3ebc5342be8ddc0d88b6db2d985370","slug":"vk-singh-must-be-sent-to-jail-said-mayawati-hindi-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'गिरी मानसिकता के वीके सिंह को भेजा जाए जेल'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'गिरी मानसिकता के वीके सिंह को भेजा जाए जेल'
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 23 Oct 2015 01:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ मे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह पर जमकर गुस्सा निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गिरी मानसिकता वाले वीके सिंह को तुरंत मंत्री मंडल से बर्खास्त करें और उन्हें तुरंत सलाखों के पीछे भेजें।
बता दें कि जनरल वीके सिंह ने बीते दिनों कहा था कि अगर कोई कुत्ते को पत्थर मार दे तो उसके लिए सरकार कैसे ज़िम्मेदार है? वीके सिंह ने ये बयान फरीदाबाद में दो दलित बच्चों को जलाकर मार देने के बाद किए गए सवाल के बाद दिया था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में जो कुछ हुआ वो प्रशासन की नाकामी का नतीजा है और सरकार उसके बाद आती है। ये विवादित बयान देने के बाद वीके सिंह विरोधियों के निशाने पर आ गए।
विज्ञापन
मायावती ने बयान पर जताया गुस्सा
हालांकि उन्होंने इस मामले पर वीके सिंह ने सफाई भी दी है। उन्होंने ट्वीट किया कि उनके बयान के मकसद फरीदाबाद
घटना के साथ तुलना करने को लेकर नहीं था।
शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने वीके सिंह के इसी बयान पर घोर आपत्ति जताई और उन्हें जेल भेजने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अगर इस बात को तुरंत संज्ञान में लेकर वीके सिंह को बर्खास्त कर देते तो मुझे यहां प्रेसकॉन्फ्रेस ही न बुलानी पड़ती।
घटना के साथ तुलना करने को लेकर नहीं था।
शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने वीके सिंह के इसी बयान पर घोर आपत्ति जताई और उन्हें जेल भेजने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अगर इस बात को तुरंत संज्ञान में लेकर वीके सिंह को बर्खास्त कर देते तो मुझे यहां प्रेसकॉन्फ्रेस ही न बुलानी पड़ती।