गांवों में पुराने रेट पर ही मिलेगी बिजली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीण क्षेत्रों के दो किलोवाट तक के बिना मीटर वाले घरेलू व कॉमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं पर फिलहाल बढ़ी हुई बिजली दरें लागू नहीं होंगी।
तीन महीने तक पुरानी दर से बिलिंग की जाएगी। उसके बाद विद्युत नियामक आयोग आगे के बारे में फैसला करेगा। यह पहला मौका है जब आयोग ने टैरिफ ऑर्डर जारी होने के बाद किसी श्रेणी की बिजली दर पर रोक लगाई है।
इस फैसले से ग्रामीण इलाकों के लगभग 50 लाख अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को राहत मिली है। वहीं पुरानी दरों पर बिलिंग से कॉर्पोरेशन को लगभग 700 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि होने का अनुमान है।
आयोग ने बगैर मीटर वाले ग्रामीण इलाकों के घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की नई दरों पर रोक लगाने का यह फैसला राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका पर किया।
आयोग के सचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को पावर कॉर्पोरेशन व उसके नियंत्रण वाली विद्युत वितरण कंपनियों व एनपीसीएस को संशोधित आदेश भेजकर पुरानी दरों पर ही बिलिंग करने को कहा है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
गौरतलब है कि आयोग द्वारा 1 अक्तूबर को जारी टैरिफ आदेश में घरेलू ग्रामीण अनमीटर्ड की दरें 180 प्रति कनेक्शन प्रतिमाह से बदलकर 180 रुपये प्रति किलोवाट कर दी गई थी।
ग्रामीण कॉमर्शियल अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की दरें 300 प्रति कनेक्शन प्रतिमाह को बढ़ाकर 350 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह कर दिया गया था।
इससे 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं की दरों में 100 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया था।
आयोग ने आदेश में यह भी कहा गया है कि जिनसे मीटर की कीमत ली जा चुकी है उनके यहां जल्द मीटर लगाए जाएं।
साथ ही ग्रामीण उपभोक्ताओं काकनेक्टेड लोड अगर ज्यादा बढ़ा दिया गया है तो उसे सही किया जाए जिससे उनका उत्पीड़न न होने पाए और उन पर अतिरिक्त बोझ न पडे़।