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मलिहाबाद तहसीलदार के पेशकार का रिश्वत लेते वीडियो वायरल
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मलिहाबाद। तहसीलदार के पेशकार द्वारा दाखिल खारिज के नाम पर रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी होने पर एसडीएम अजय रॉय ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की सत्यता जानने के लिए एक विभागीय कमेटी का गठन कर उसे एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
क्षेत्र के एक अधिवक्ता की फेसबुक आईडी से वायरल वीडियो में तहसीलदार के पेशकार एके मिश्रा को एक व्यक्ति ने दाखिल खारिज के लिए फाइल देने के साथ साथ में कुछ रुपये देते देखा जा सकता है। इसके बाद पेशकार की ओर से दो सौ रुपये और देने की बात कही जा रही है। फाइल देने वाला पेशकार से मिन्नतें कर रहा है मगर पेशकार ने उसकी एक न सुनी और कहा कि बाबा दयालु नहीं है, माल ऊपर तक देना पड़ता है।
तहसीलदार शम्भू शरण का कहना कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने एक जांच कमेटी का गठन किया है जो एक सप्ताह में अपनी जांच रिपोर्ट उन्हें सौंपेगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति को बुलाकर मामले की सत्यता जानने के लिए पूछताछ की गई मगर वह भी यह बताने में असमर्थ रहा कि रुपये की वसूली किससे और कब की गई। उसने भी सिर्फ इतना ही बताया कि यह वीडियो उसे भी कहीं से मिला था और उसने वायरल कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि यह वीडियो काफी पुराना है। फिर भी मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। अगर सत्यता मिली तो पेशकार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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क्षेत्र के एक अधिवक्ता की फेसबुक आईडी से वायरल वीडियो में तहसीलदार के पेशकार एके मिश्रा को एक व्यक्ति ने दाखिल खारिज के लिए फाइल देने के साथ साथ में कुछ रुपये देते देखा जा सकता है। इसके बाद पेशकार की ओर से दो सौ रुपये और देने की बात कही जा रही है। फाइल देने वाला पेशकार से मिन्नतें कर रहा है मगर पेशकार ने उसकी एक न सुनी और कहा कि बाबा दयालु नहीं है, माल ऊपर तक देना पड़ता है।
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तहसीलदार शम्भू शरण का कहना कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने एक जांच कमेटी का गठन किया है जो एक सप्ताह में अपनी जांच रिपोर्ट उन्हें सौंपेगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति को बुलाकर मामले की सत्यता जानने के लिए पूछताछ की गई मगर वह भी यह बताने में असमर्थ रहा कि रुपये की वसूली किससे और कब की गई। उसने भी सिर्फ इतना ही बताया कि यह वीडियो उसे भी कहीं से मिला था और उसने वायरल कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि यह वीडियो काफी पुराना है। फिर भी मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। अगर सत्यता मिली तो पेशकार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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