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केजीएमयू में वाल्मीकि मंदिर तोड़े जाने पर बवाल, पुलिस को अज्ञात के खिलाफ मिली तहरीर
Thu, 19 Sep 2019 12:28 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 19 Sep 2019 12:28 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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केजीएमयू दंत संकाय के पीछे स्थित भगवान वाल्मीकि के प्राचीन मंदिर को मंगलवार रात जमींदोज कर दिया गया। सुबह इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोगों हंगामा शुरू कर दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ चौक कोतवाली में तहरीर दी है। मौके पर तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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वहीं, केजीएमयू के चीफ प्राक्टर ने मंदिर गिराए जाने की किसी पूर्व सूचना से इन्कार करते हुए चौक पुलिस को मामले की जांच करने व प्रकरण में संलिप्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। साथ ही मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि करीब एक सप्ताह पहले दंत संकाय के पीछे की जमीन को समतल कराया गया था। वहां पार्किंग स्टैंड बनाने की तैयारी की जा रही है। इसी बीच ठेकेदार ने बिना किसी सूचना के मंदिर तोड़ डाला। इससे पूर्व अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्यामलाल वाल्मीकि ने बताया कि मंदिर में करीब 80 साल से पूजा-अर्चना व जयंती समेत अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा था।
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17 अक्तूबर को वाल्मीकि जयंती प्रकट दिवस की तैयारी चल रही थी, इसी बीच विवि प्रशासन ने रातों-रात मंदिर ध्वस्त कराकर भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा, धार्मिक पुस्तकें, पूजन सामग्री आदि गायब करा दी। मंदिर जाने का मार्ग भी गेट लगाकर बंद कर दिया गया।