{"_id":"69ce2eebe7f688a4b709f81a","slug":"uttar-pradesh-kaushal-vikas-mission-target-to-train-99075-youth-in-the-new-session-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: नए सत्र में 99075 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य, पहली बार सार्वजनिक ग्रेडिंग के आधार पर हुआ आवंटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: नए सत्र में 99075 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य, पहली बार सार्वजनिक ग्रेडिंग के आधार पर हुआ आवंटन
Thu, 02 Apr 2026 02:29 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 02 Apr 2026 02:29 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से पहली बार ग्रेडिंग नीति को सार्वजनिक कर फरवरी-मार्च में केंद्रों की जमीनी क्षमता का मूल्यांकन किया गया। इसी आधार पर 619 प्राइवेट प्रोवाइडर, 47 इंडस्ट्रियल पार्टनर और 291 सरकारी पार्टनर को लक्ष्य दिए गए हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने प्रदेश के युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने के लिए नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन ही प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन किया है। 957 ट्रेनिंग पार्टनर को 99,075 युवाओं के प्रशिक्षण का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता के लिए नीतिगत बदलाव भी किए गए हैं।
विज्ञापन
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि पहले दिन ही लक्ष्य आवंटन से प्रशिक्षण, मूल्यांकन और सेवायोजन की प्रक्रिया समय से संचालित हो सकेगी। मिशन की ओर से पहली बार ग्रेडिंग नीति को सार्वजनिक कर फरवरी-मार्च में केंद्रों की जमीनी क्षमता का मूल्यांकन किया गया। इसी आधार पर 619 प्राइवेट प्रोवाइडर, 47 इंडस्ट्रियल पार्टनर और 291 सरकारी पार्टनर को लक्ष्य दिए गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना और औपचारिकताओं के लिए निर्धारित समय सीमा को 90 से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। साथ ही एक प्रभावी स्मार्ट टॉपअप व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले केंद्र बैच समाप्त होने से 15 दिन पूर्व अतिरिक्त लक्ष्य की मांग कर सकेंगे।
विज्ञापन
काम की ग्रेडिंग पर किया जाएगा भुगतान
मिशन निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण प्रदाताओं के आबद्धीकरण (इम्पैनलमेंट) को पूरी तरह से डिजिटल किया गया है। अब लक्ष्य और टॉपअप की प्रक्रिया केवल निर्धारित क्वार्टर अप्रैल, जुलाई, अक्तूबर और जनवरी के पहले सप्ताह में होगी। बचे समय में मिशन की टीम समय से भुगतान पूरा कर सकेगी। 23 फरवरी के नए नियमों के अनुसार अब ट्रेनिंग देने वाली संस्थाओं को उनके काम की ग्रेडिंग और तय की गई ट्रेनिंग लागत के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
33 फीसदी महिलाओं को प्राथमिकता
नई संस्थाओं जैसे स्टार्टअप या प्राइवेट पार्टनर को जोड़ने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इसके लिए साल में दो बार मई और दिसंबर में पोर्टल पर आवेदन किया जा सकेगा। सरकारी और इंडस्ट्रियल पार्टनर भी ऑनलाइन माध्यम से ही जुड़ सकेंगे। प्रदेश के सभी 75 केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। प्रशिक्षणार्थियों जिलों और 108 आकांक्षी ब्लॉकों में के चयन में न्यूनतम 33 फीसदी महिलाओं, 5 फीसदी दिव्यांगजन और जीरो पॉवर्टी श्रेणी के युवाओं को प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा।