यूपी सरकार के 100 दिन पूरे, 18 हजार डॉक्टरों-कर्मचारियों की नियुक्ति को हरी झंडी
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यूपी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर सरकार के कामकाज पर रिपोर्ट कार्ड देने के बाद मंगलवार शाम को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने चार निर्णय लिए।
कैबिनेट फैसला-1
- प्रदेश में लोगों को बेहतर इलाज मिल सके और डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत 18 हजार डॉक्टरों व कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। इस योजना के तहत भर्ती किए गए डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र 62 वर्ष होगी।
कैबिनेट फैसला-2
कैबिनेट ने वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) अधिनियम-2017 को अनुमोदित कर दिया है। इसके तहत 75 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को कंपाउंडिंग की सुविधा दी जाएगी। व्यापारी एक प्रतिशत की दर से कंपाउंडिंग करा सकेंगे, वहीं उद्यमियों के लिए यह दर 2 प्रतिशत और रेस्टोरेंट के लिए 5 प्रतिशत रखी गई है। उन्हें तीन महीने में एक बार रिटर्न दाखिल करना होगा।
इसके अलावा एक वार्षिक रिटर्न भी जमा करना होगा, जिसमें बिक्री का पूरा ब्योरा होगा। इसके अलावा कैबिनेट ने जीएसटी के पंजीकरण नियम का भी अनुमोदन कर दिया। इसमें 20 लाख रुपये सालाना से कम के टर्नओवर पर जीएसटी में पंजीकरण अनिवार्य नहीं होगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि जीएसटी के लिए आवेदन ऑनलाइन होगा। आवेदन पूर्ण होने पर तीन दिन के भीतर संबंधित अधिकारियों को निर्णय करना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो तीन दिन के बाद आवेदन स्वत: स्वीकृत माना जाएगा। उसे कम्प्यूटर से जनरेट की गई पंजीकरण संख्या और अनुमोदन प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया जाएगा।
नगर पालिका परिषद गंगाघाट का होगा सीमा विस्तार
कैबिनेट फैसला-3
उन्नाव की नगर पालिका परिषद गंगाघाट का सीमा विस्तार किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
कैबिनेट फैसला-4
कैबिनेट ने पंचायत राज अधिनियम-1947 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसके तहत अधिनियम के अध्याय-6 में दी गई न्याय पंचायत के गठन की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस अधिनियम के तहत अंतिम बार 1972 में न्याय पंचायत का गठन किया गया था, जिसने 1980 तक काम किया। 73वें संविधान संशोधन में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें न्याय पंचायतें कहीं फिट नहीं बैठतीं।