बोले सीएम, अगला बजट पेश करूंगा तब मेट्रो से सदन में आ सकेंगे
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चारबाग रेलवे स्टेशन तक आते वक्त हर कोई लखनऊ मेट्रो के काम को देख सकता है। मुझे यह आशा है कि जब मैं अगले साल बजट सदन में प्रस्तुत करूँगा तब उस समय आप में से कई सम्मानित सदस्यगण उस मेट्रो पर बैठकर सदन में आ सकेंगे।
ये कहना है यूपी के सीएम अखिलेश यादव का। उन्होंने शुक्रवार को बजट पेश करते वक्त ये बात कही।
अखिलेश सरकार ने अपने इस बजट में लखनऊ मेट्रो का भी खास ध्यान रखा है। लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के लिए 814 करोड़ रुपए की घोषणा हुई है।
अखिलेश सरकार ने पिछले बजट में लखनऊ मेट्रो के लिए 625 करोड़ रुपए दिए थे। कानपुर एवं वाराणसी मेट्रो रेल परियोजना के लिये 50-50 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, आज कोई भी आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे के तेजी से हो रहे निर्माण को देख सकता है और हम पूरी कोशिश कर रहे है कि इस एक्सप्रेस-वे में इसी साल ट्रैफिक दौडऩा शुरू कर दे।
सीएम ने कहा, मुझे सदन को बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने इसी तरह का एक एक्सप्रेस-वे समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेव-वे का प्रस्ताव बजट में रखा है जो पूर्वी उत्तर प्रदेश को लखनऊ से जोड़ेगा, जिससे नई दिल्ली और नोएडा क्षेत्र का विकास पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचेगा।
सड़क और पुलो के निर्माण विभाग के अन्तर्गत सड़कों और सेतुओं के निर्माण तथा रख-रखाव हेतु 14,721 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य राजमार्गों के सुदृढ़ीकरण, चौड़ीकरण, सम्पर्क मार्गों, लघु सेतुओं तथा प्रमुख मार्गों और अन्य जिला मार्गों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के नये कार्यों के लिये 541 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित।
मार्गों के अनुरक्षण एवं मरम्मत हेतु 3,205 करोड़ रुपए की व्यवस्था। ग्रामों/बसावटों को पक्के सम्पर्क मार्गांे से जोड़ने हेतु कुल 1,923 करोड़ रुपए की व्यवस्था। ग्रामीण अंचलों में नदियों एवं बड़े नालों पर पुलों के निर्माण हेतु 1,180 करोेड़ रुपए तथा रेलवे उपरिगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 635 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
सड़कों, सफाई और स्मार्ट सिटी मिशन पर ये होगा खर्च
जिला मुख्यालयों को 4 लेन मार्ग से जोड़ा जाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, जिसके लिये 1,111 करोड़ रुपए की व्यवस्था। महत्वपूर्ण मार्गों का एक कोर रोड नेटवर्क चिन्हित कर सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कराए जाने हेतु 310 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्गों के सौंदर्यीकरण/उच्चीकरण हेतु भी 75 करोड़ रुपए की व्यवस्था। विश्व बैंक सहायतित उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क परियोजना हेतु 320 करोड़ रुपए तथा एशियन डेवलपमेन्ट बैंक सहायतित उत्तर प्रदेश मुख्य जिला विकास परियोजना हेतु 260 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
भारत नेपाल सीमा पर उत्तर प्रदेश के 07 जनपदों में 257 किलोमीटर लम्बाई वाले मार्ग निर्माण हेतु 250 करोड़ रुपए तथा भूमि अध्याप्ति हेतु 220 करोड़ रुपए की व्यवस्था। विकास कार्यों को त्वरित गति से क्रियान्वित करने हेतु त्वरित आर्थिक विकास योजना में सड़क, पुल, पेयजल तथा स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था, आदि को प्राथमिकता पर कराया जा रहा है।
इस योजना के लिये 900 करोड़ रुपए की व्यवस्था। नगर विकास स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन तथा अटल मिशन फार रिजूविनेशन एण्ड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) योजनाओं, कार्यक्रमों के लिए क्रमशः 600, 600 तथा 700 करोड रुपए की व्यवस्था।
आदर्श नगर योजना में 200 करोड़ रुपए़, नगरीय सीवरेज योजना में 50 करोड रुपए, नगरीय पेयजल कार्यक्रम के लिए 335 करोड़ रुपए, नगरीय सड़क सुधार योजना के लिए 130 करोड़ रुपए तथा नगरीय जल निकासी योजना के लिए 140 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
आगरा पेयजल आपूर्ति परियोजना हेतु 300 करोड़ रुपए की व्यवस्था। नया सवेरा नगर विकास योजना हेतु 400 करोड़ रुपए की व्यवस्था। शहरी क्षेत्रों के अन्त्येष्टि स्थलों के विकास हेतु 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
इलाहाबाद में संगम क्षेत्र में एलिवेटेड पहुंच मार्ग एवं फ्लाई ओवर निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपए की व्यवस्था। नगर निकायों में सौर ऊर्जा पॉवर प्लाण्ट के माध्यम से स्ट्रीट लाइट और पेयजल की व्यवस्था कराये जाने की डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम नगरीय शहरी पुँज योजना हेतु 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
एक्सप्रेस वे पर ये होगा खर्च
शहरी यातायात विकास फण्ड हेतु लगभग 49 करोड़ रुपए की व्यवस्था। शहरी क्षेत्रों की मलिन बस्तियों तथा अल्पसंख्यक बाहुल्य बस्तियों में सी.सी. रोड, इंटरलॉकिंग टाइल्स, नाली, जल निकासी एवं अन्य सामान्य सुविधाओं हेतु 385 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के निर्माण हेतु 4003 करोड़ रुपए की व्यवस्था। लखनऊ-आजमगढ़-बलिया समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिये 1,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्थापित किये जा रहे इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर्स के लिये 40 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
पॉवरलूम विकास योजना के लिये 15 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
एकीकृत औद्योगिक नगरी (संगम सिटी) क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित कर इसमें एक विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव।
दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर (डी.एम.आई.सी.) परियोजना के अन्तर्गत दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र एवं तीन अर्ली बर्ड परियोजनाओं, एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मॉडल ट्राँसपोर्ट हब विकसित करने का निर्णय।
कालिन्दी कुंज से बॉटेनिकल गार्डेन एवं नोएडा सिटी सेक्टर 32 से सेक्टर 62 तक मेट्रो लाईन का विस्तार किये जाने का निर्णय। प्रदेश में निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘निर्यात नीति उत्तर प्रदेश, 2015-2020’ जारी।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बस स्टेशनों के पुनर्निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था। आजमगढ़ तथा गौतमबुद्धनगर में सम्भागीय परिवहन कार्यालय के निर्माण हेतु क्रमशः 17 तथा 15 करोड़ रुपए की व्यवस्था।