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यूपी: प्रदेश में लागू हुई ऑटोमैटिक प्रीपेड बिजली व्यवस्था, निगेटिव बिल होते ही कट गई बिजली; इतने हुए प्रभावित

Fri, 13 Mar 2026 09:58 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 13 Mar 2026 09:58 PM IST
सार

Electricity system in UP: यूपी में ऑटोमैटिक प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू हो गई है। इसमें बिजली बैलेंस निगेटिव होते ही बिजली कट जाएगी। 
 

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Uttar Pradesh: Automatic prepaid electricity system implemented in the state, power cut off upon receipt of ne
बिजली बिल के लिए नया नियम - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

 प्रदेश के सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब शुक्रवार से गो लाइव हो गए हैं। इसका मतलब है कि अब यदि उपभोक्ता के खाते में बैलेंस समाप्त हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी। पॉवर काॅर्पोरेशन प्रबंधन ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निगेटिव बैलेंस होने पर तुरंत रिचार्ज कर लें।

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प्रदेश में लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें 70.50 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर हैं। इन सभी को शुक्रवार से गो लाइव कर दिया गया है। अब यदि प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के खाते में बैलेंस समाप्त हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो सकती है। उपभोक्ता रिचार्ज यूपीपीसीएल की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, भीम, फोनपे, गूगल पे आदि डिजिटल माध्यमों से घर बैठे किया जा सकता है। विभागीय काउंटरों पर भी रिचार्ज की सुविधा उपलब्ध है। स्मार्ट मीटर से सटीक बिलिंग, कम मानवीय हस्तक्षेप और नियमित बिल प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 2% की छूट का लाभ भी दिया जाता है।

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40 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की कटी बिजली

 राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर कार्पोरेशन की ओर से स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जुड़े करीब 40 हजार उपभोक्ताओं की पहले दिन निगेटिव बैलेंस में बिजली कटी है।

कई स्थानों से जानकारी मिली है कि उपभोक्ताओं द्वारा कामन सर्विस सेंटर पर भुगतान कर दिया गया है। इसके बाद भी वह भुगतान आरएमएस सिस्टम में अपडेट नहीं हुआ है, जिसके कारण उनकी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि कई स्थानों पर उन्होंने खुद संबंधित बिजली कंपनियों को सूचना देते हुए उपभोक्ताओं के साथ तत्काल न्याय करने की मांग की है। 

पावर कॉरपोरेशन व जिन निजी कंपनियों को इसका कार्य दिया गया है, उनके सिस्टम में लंबे समय से तकनीकी समस्याएं चल रही थीं। इसी कारण सिस्टम ने नेगेटिव बैलेंस होने के बावजूद कनेक्शन डिस्कनेक्ट नहीं किया, जिसकी वजह से पूरे प्रदेश में लगभग 70 लाख विद्युत उपभोक्ताओं पर करीब 1600 करोड़ रुपये तक का बकाया हो गया। 

उन्होंने कहा कि अब जब स्मार्ट प्रीपेड मीटर में यह बकाया सामने आया है, तो इसमें बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता भी हो सकते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को विद्युत वितरण संहिता 2005 की धारा 6.14 के तहत भुगतान के लिए किस्तों की सुविधा दी जानी चाहिए। उसे पहली किस्त में 40 प्रतिशत भुगतान करना होगा तथा शेष राशि को 3 समान मासिक किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जा सकती है।

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