UPSSSC ने शुरू की भर्ती परीक्षा की तैयारी, ओएमआर शीट की जगह ऑनलाइन होगा एग्जाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने भर्ती परीक्षाओं को फुलप्रूफ बनाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत ओएमआर शीट की जगह ऑनलाइन परीक्षा कराने की योजना है। हालांकि, ऑनलाइन परीक्षा को लेकर नियमावली में संशोधन जैसे कुछ काम करने होंगे। ऐसे में नई व्यवस्था लागू होने में समय लगना तय है। आयोग ने शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है।
आयोग के चेयरमैन सीबी पालीवाल ने बताया कि समूह ‘ग’ की परीक्षा अभी ओएमआर शीट पर ही कराई जाती है। सिस्टम को पुख्ता बनाने के लिए आयोग ने एक दीर्घकालीन रणनीति पर विचार किया है। इसके तहत भविष्य में सभी भर्ती परीक्षाएं ऑनलाइन कराने का सुझाव है। इसके लिए कई कदम उठाए जाएंगे।
मसलन, अभी हर पद के लिए अलग-अलग योग्यता तय है। किसी में कंप्यूटर की जानकारी जरूरी है तो किसी में नहीं है। ऑनलाइन परीक्षा के लिए कंप्यूटर ज्ञान जरूरी होगा। ऐसे में सभी भर्तियों के लिए कंप्यूटर जानकारी को अनिवार्य शैक्षिक योग्यता बनाना होगा। इसके लिए विभिन्न पदों की सेवा नियमावलियों की अर्हता में संशोधन कर इसे जोड़ना पड़ेगा।
चेयरमैन ने बताया कि आयोग ने शासन को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए कौन सी दक्षता जरूरी होगी, इस पर विचार किया जाए। यदि वह दक्षता सेवा नियमावलियों में शामिल नहीं है तो उसे शामिल कराने पर विचार हो।
पालीवाल ने बताया कि शासन इस मामले पर सम्यक विचार-विमर्श कर निर्णय करेगा। इसके बाद नई व्यवस्था लागू की जा सकेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल के अंत तक यह अमल में आ जाएगी। बताया कि ऑनलाइन परीक्षा की व्यवस्था लागू होने तक ओएमआर बेस्ड परीक्षा जारी रहेगी।
भर्ती परीक्षा के लिए एजेंसियों का पैनल बनाएगी सरकार
प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाएं कराने के लिए परीक्षा एजेंसियों के इम्पैनलमेंट का काम शुरू कर दिया है। बताया गया है कि सरकार इसके लिए एक विज्ञापन निकालेगी। तय पात्रता, विशेषज्ञता व शर्तों पर एजेंसियों का पैनल बनाया जाएगा।
इसमें ओएमआर और ऑनलाइन दोनों तरह की परीक्षा कराने वाली एजेंसियों के चयन की योजना है। इसके बाद आयोग, चयन बोर्ड या विभाग एजेंसियों के बीच फाइनेंसियल बिड करके लिखित परीक्षा कराने वाली एजेंसी का चयन कर लेंगे।
ज्यादा आवेदक तो कई पालियों में परीक्षा का विकल्प
प्रदेश में समूह ‘ग’ की भर्ती परीक्षाओं में कई लाख आवेदकों के बैठने की संभावना रहती है। इतनी बड़ी संख्या में आवेदकों का एक साथ परीक्षा कराना बड़ी चुनौती होती है।
आयोग के चेयरमैन ने बताया कि ऐसी एजेंसियां हैं जो करीब 50 हजार आवेदकों की एक साथ ऑनलाइन परीक्षा करा सकती हैं। इसके लिए आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर इनके पास उपलब्ध है। इससे अधिक संख्या होने पर कई पालियों में अलग-अलग प्रश्नपत्र से परीक्षा हो सकती है।