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यूपीएससी : अरघट्टा ने किया परेशान, गणित व रीजनिंग ने उलझाया

Mon, 26 May 2025 01:59 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 01:59 AM IST
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UPSC: Arghatta troubled me, Maths and Reasoning confused me
लखनऊ में रविवार को सिविल सेवा प्रारं​भिक परीक्षा देकर निकलते अभ्यर्थी।
लखनऊ। संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को राजधानी के 91 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली का पेपर पिछले चार साल की अपेक्षा सरल रहा, लेकिन सिंचाई से जुड़े उपकरण अरघट्टा को लेकर पूछे गए सवाल ने विद्यार्थियों को चक्कर में डाल दिया। दूसरी पाली में गणित व रीजनिंग के सवालों ने परीक्षार्थियों को ज्यादा परेशान किया। इस बार सवालों के पैटर्न में बदलाव किया गया था। परीक्षार्थियों को बड़े सवालों का सामना करना पड़ा। कई परीक्षार्थियों की परीक्षा देरी से पहुंचने के चलते छूट गई। किसी केंद्र पर गड़बड़ी की शिकायत नहीं आई। पंजीकृत कुल 40026 अभ्यर्थियों में 14,270 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
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पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक हुई परीक्षा के बारे में अभ्यर्थियों ने बताया कि सवाल नंबर 13 में पूछा गया था कि सिचाई में अरघट्टा नामक उपकरण क्या था। इस शब्द को अधिकांश अभ्यर्थी नहीं समझ सके। वहीं, इस बार इकॉनमिक्स स्टॉक मार्केट से भी सवाल ज्यादा पूछे गए। इतिहास के सवाल सरल थे। वहीं, दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक की परीक्षा में गणित व रीजनिंग के सवाल उलझाने वाले रहे। अभ्यर्थी राजन शुक्ला, क्षमा तिवारी, अर्जुन सिंह की परीक्षा छूट गई।
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प्रश्नों के पैटर्न में बदलाव से लगा समय
अभ्यर्थी कुलदीप यादव ने बताया कि इस बार प्रश्नों के पैटर्न में बदलाव किया गया था। एक सवाल में तीन प्रश्नों को शामिल किया गया, इससे पहले दो सवाल पूछे जाते थे। सवालों की लंबाई बढ़ जाने से परीक्षार्थियों को जवाब देने में ज्यादा समय लगा।
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अभ्यर्थियों प्रतिक्रिया

-पहली पाली में पूछा गया कि सिंचाई में उपयोग होने वाला उपकरण अरघट्टा क्या होता है। यह बहुत ही कठिन सवाल था। हमने पहली बार ये नाम सुना। ज्यादातर अभ्यर्थियों की यही स्थिति रही। दूसरी पाली में गणित के सवाल कठिन थे। - प्रतीक्षा शर्मा

-हमने अरघट्टा के बारे में नहीं सुना था। इस बार इंडियन जियोग्राफी से कम सवाल पूछे गए हैं। इकॉनमिक्स में स्टॉक मार्केट से जुड़े ज्यादा सवाल पूछे गए हैं। -कीर्ति कुमारी
-चार सालों की अपेक्षा में इस बार पेपर पहली पाली का सरल आया, दूसरी पाली में गणित व रीजनिंग के सवालों ने ज्यादा परेशान किया। कई सवाल घुमावदार थे। -मो. समीर अहमद

-हमने पहली बार ये परीक्षा दी। जिस हिसाब से तैयारी की थी उससे पेपर बेहतर हुआ है। इकॉनमिक्स में स्टॉक मार्केट से जुड़े सवाल कठिन लगे। -दीप्ति शुक्ला
-दूसरी पाली में फिजिक्स व मैथ के कुछ सवालों को हल करने में कठिनाई आई। हालांकि, इसके पहले के जो पेपर थे, उनमें इतने कठिन सवाल नहीं पूछे गए थे। -सविता यादव

-इतिहास में मुझे याद नहीं रहता है पहले डर लग रहा था, लेकिन इस बार इतिहास के सवाल सरल आए। गणित के कुछ सवाल ऐसे थे, जिन्हें हल करने में परेशानी हुई। -सौरभ कुमार

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पिछले चार सालों में पेपर की स्थिति

साल 2024
प्रारंभिक परीक्षा का प्रश्न पत्र 2023 की तुलना में आसान था और सीसैट (पेपर 2) कठिन था। प्रश्नपत्र में करंट अफेयर्स की तुलना में अवधारणाओं पर अधिक जोर दिया गया था।

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साल 2023

वर्ष 2022 की अपेक्षा कठिन थे। प्रश्नों का स्तर मध्यम से कठिन था, विशेषकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और पारिस्थितिकी जैसे विषयों में प्रश्नपत्र का स्तर कठिन था।
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साल 2022
प्रश्नपत्र मध्यम स्तर का था। इतिहास व अर्थव्यवस्था के प्रश्न थोड़ा कठिन थे, जबकि सीसैट पेपर में तर्क और संख्यात्मक क्षमता के प्रश्न भी मध्यम स्तर के थे। परीक्षा कठिन थी, लेकिन सभी विषयों में संतुलन था।


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साल 2021

सामान्य अध्ययन प्रथम पेपर में समसामयिक मामले, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र व राजनीति से संबंधित प्रश्न घुमाकर पूछे गए थे, जिससे कुछ उम्मीदवारों को कठिनाई हुई थी।
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