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Lucknow News: यूपी का चौसा चला यूके
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वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह। -अमर उजाला
लखनऊ। भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच 15 जुलाई से लागू हुए कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (सीईटीए) का असर अब उत्तर प्रदेश के आम निर्यात पर भी दिखने लगा है। समझौते के लागू होने के बाद शुक्रवार को प्रदेश से 1200 किलो ताजे चौसा आमों की पहली खेप ब्रिटेन के लिए रवाना की गई। इससे प्रदेश के आम उत्पादकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और निर्यातकों के लिए विदेशी बाजार में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने लखनऊ स्थित उद्यान निदेशालय से खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से भेजी गई इस खेप में 1200 किलो ताजे चौसा आम शामिल हैं। इसका निर्यात पीएसपीजी कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने किया है।
मंत्री ने बताया कि सीईटीए के तहत ब्रिटेन ने भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात मूल्य वाले उत्पादों को शुल्क मुक्त (जीरो ड्यूटी) बाजार उपलब्ध कराया है। इससे आम समेत कृषि, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्यात को गति मिलने की संभावना है। इसका सीधा लाभ किसानों, एफपीओ और कृषि उद्यमियों को मिलेगा। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण) बीएल मीणा, विशेष सचिव, उद्यान निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण बोर्ड (यूपीएसएचईबी) के अधिकारी, एपीडा के आलोक मिश्रा, निर्यातक और किसान उपस्थित रहे।
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पिछले साल 3469 मीट्रिक टन आम का हुआ निर्यात
एपीडा के अधिकारी आलोक मिश्रा ने बताया कि लखनऊ से दशहरी, चौसा और आम्रपाली आम का सबसे अधिक निर्यात होता है। पिछले वर्ष 3469 मीट्रिक टन आम का निर्यात किया गया था। इस वर्ष इससे अधिक निर्यात का लक्ष्य रखा गया है।
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उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने लखनऊ स्थित उद्यान निदेशालय से खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से भेजी गई इस खेप में 1200 किलो ताजे चौसा आम शामिल हैं। इसका निर्यात पीएसपीजी कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने किया है।
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मंत्री ने बताया कि सीईटीए के तहत ब्रिटेन ने भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात मूल्य वाले उत्पादों को शुल्क मुक्त (जीरो ड्यूटी) बाजार उपलब्ध कराया है। इससे आम समेत कृषि, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्यात को गति मिलने की संभावना है। इसका सीधा लाभ किसानों, एफपीओ और कृषि उद्यमियों को मिलेगा। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण) बीएल मीणा, विशेष सचिव, उद्यान निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण बोर्ड (यूपीएसएचईबी) के अधिकारी, एपीडा के आलोक मिश्रा, निर्यातक और किसान उपस्थित रहे।
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पिछले साल 3469 मीट्रिक टन आम का हुआ निर्यात
एपीडा के अधिकारी आलोक मिश्रा ने बताया कि लखनऊ से दशहरी, चौसा और आम्रपाली आम का सबसे अधिक निर्यात होता है। पिछले वर्ष 3469 मीट्रिक टन आम का निर्यात किया गया था। इस वर्ष इससे अधिक निर्यात का लक्ष्य रखा गया है।

वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह। -अमर उजाला

वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह। -अमर उजाला