फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Upper Ganga Canal Expressway will be build in 8700 crore rupees.

UP: 8700 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल को एनसीआर से जोड़ेगा

Thu, 02 Jan 2025 11:49 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 02 Jan 2025 11:49 AM IST
सार

अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेसवे पूर्वांचल को एनसीआर से जोड़ेगा। यह एक आठ लेन का प्रस्तावित एक्सप्रेसवे है। यह बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ व मुजफ्फरनगर से होकर गुजरेगा।

विज्ञापन
Upper Ganga Canal Expressway will be build in 8700 crore rupees.
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

एक्सप्रेसवे के मामले में देशभर में शीर्ष पर काबिज उत्तर प्रदेश में नए एक्सप्रेसवे के प्रस्तावों पर काम चल रहा है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे 98 फीसदी और गंगा एक्सप्रेसवे का काम 68 फीसदी हो चुका है। इन दोनों निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे के साथ नए या ठंडे बस्ते में जा चुके एक्सप्रेसवे के प्रस्तावों को फिर बाहर निकाला गया है।

विज्ञापन


इन्हीं में से एक है अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेसवे (यूजीसी एक्सप्रेसवे), जो 8700 करोड़ रुपये की लागत वाला आठ लेन का प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे होगा। ये उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा से पहले बुलंदशहर के सनौता पुल से मुजफ्फरनगर स्थित पुरकाजी तक ऊपरी गंगा नहर के किनारे से निकलेगा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी का मौसम: इस दिन से प्रदेश में करवट लेने जा रहा है मौसम, बर्दाश्त कर लें बस थोड़ी दिन की सर्दी, जानिए पूर्वानुमान
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - लखनऊ हत्याकांड: आगरा से अजमेर, फिर लखनऊ... पहले से रची थी हत्या की साजिश, इन सवालों के जवाब मिलने बाकी


प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का निर्माण पूर्वांचल को नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) से जोड़ेगा। यह बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों से होकर निकलेगा। इससे पूर्वांचल को तेजी से विकसित होने का एक और रास्ता मिलेगा।

उत्तर से दक्षिण तक फैले इस एक्सप्रेसवे के जरिये कई शहरों के बीच अच्छे रोड नेटवर्क बनेंगे। प्रदेश को औद्योगिक, वाणिज्यिक और आवासीय गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के एक छोर पर स्थित एनसीआर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद औद्योगिक गतिविधियों के गढ़ बन चुके हैं। ग्रेटर नोएडा एशिया का सबसे बड़ा औद्योगिक नगर बन चुका है।

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे में शामिल होंगे कई लिंक एक्सप्रेसवे
-दक्षिण-पश्चिम मेरठ को प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ एयरपोर्ट और प्रस्तावित डीएफसी टर्मिनल से जोड़ने के लिए 23.5 किमी का लिंक एक्सप्रेसवे
-पुरकाजी से देवबंद तक 16.5 किमी का लिंक एक्सप्रेसवे
-एनएच-24 के नजदीक से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे को डासना फॉल के पास से जोड़ने के लिए 3.5 किमी का लिंक एक्सप्रेसवे
-इसके अलावा अन्य फ्यूचर लिंक, जो 25 किमी लंबे हैं।

147.8 किलोमीटर लंबा होगा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे
आठ लेन के यूजीसी एक्सप्रेसवे की अनुमानित लंबाई 147.8 किमी है। जबकि छह लेन के लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 68.5 किमी होगी। दो लेन के सर्विस रोड की अनुमानित लंबाई 97.30 किमी होगी। एक्सप्रेसवे के किनारे छह स्थानों पर लैंड पार्सल के लिए विकास किया जाएगा। ताकि लाजिस्टिक सेवाओं को रफ्तार मिल सके। नहर, पर्यटन के विकास और वाटर स्पोर्ट्स के साथ नेविगेशन सुविधाएं होंगी। नहर पर सात जगहों पर पनबिजली स्टेशनों का विस्तार किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed