यूपी: टीईटी में OMR की कमियों को दूर करने का मिलेगा मौका? शिक्षामित्रों को परीक्षा में शामिल करने की मांग
UP TET Exam: यूपी टीईटी परीक्षा का परिणाम आ गया है। इस परीक्षा में कई प्रतिभागियों का रिजल्ट अंकन त्रुटि की वजह से रिजेक्ट हो गया है।
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यूपी टीईटी के परिणाम में ओएमआर शीट पर अमान्य रोल नंबर, गलत बुकलेट नंबर व अन्य अंकन संबंधी त्रुटियों से काफी अभ्यर्थियों के परिणाम प्रभावित या रिजेक्ट होने पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने चिंता जताई है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह व प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। महासंघ ने कहा है कि बड़ी संख्या में प्रभावित अभ्यर्थियों में कार्यरत शिक्षक भी शामिल हैं। ऐसे में रोल नंबर व बुकलेट नंबर अंकित करने में हुई मानवीय, तकनीकी त्रुटि के कारण अभ्यर्थी को उसके परीक्षा परिणाम से वंचित करना न्यायोचित नहीं है।
संगठन ने मांग की है कि प्रभावित अभ्यर्थियों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने एवं आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए विशेष आपत्ति/अभ्यावेदन का मौका दिया जाए। पात्र अभ्यर्थियों की ओएमआर व उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पुनः जांच, मूल्यांकन कराकर जल्द परिणाम घोषित किया जाए।
70 हजार शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करें
प्रदेश में परिषदीय स्कूलों में पढ़ा रहे 1.86 लाख शिक्षकों में करीब एक लाख ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास कर ली है। वर्ष 2010 के पूर्व भर्ती हुए इन शिक्षकों में अब 86 हजार शिक्षकों को विशेष टीईटी का इंतजार है। वहीं 70 हजार शिक्षामित्रों ने भी विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग उठा दी है।
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में वर्ष 2010 के पूर्व भर्ती हुए 1.86 लाख शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टीईटी पास करना अनिवार्य है। बीते दिनों टीईटी के आए परिणाम में प्राथमिक स्तर पर 93 हजार शिक्षक और उच्च प्राथमिक स्तर पर 1.13 लाख शिक्षक टीईटी पास हुए। इसमें से वर्ष 2010 के पूर्व वाले शिक्षकों की संख्या लगभग एक लाख है। बाकी प्राथमिक स्तर के वह शिक्षक जो उच्च प्राथमिक स्तर पर प्रमोशन चाहते हैं उन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल की है।
इसमें 68500 व 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अधिक हैं, क्योंकि पांच साल बाद प्राथमिक स्कूल के सहायक अध्यापक को हेड मास्टर या फिर उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति मिलने का नियम है। हलांकि पिछले काफी वर्षों से प्रोन्नति नहीं हुई है, लेकिन शिक्षकों ने पदोन्नति की आस में उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी पास कर ली है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि पिछले 26 वर्षों से स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों को भी विशेष टीईटी में शामिल किया जाए। कुल 1.48 लाख शिक्षामित्रों में से 70 हजार टीईटी पास नहीं हैं।