फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP was the first state which demanded to ban the PFI.

UP News: पीएफआई पर प्रतिबंध की मांग करने वाला पहला राज्य था यूपी, चलाया गया था प्रदेशव्यापी अभियान

Thu, 29 Sep 2022 09:15 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 29 Sep 2022 09:15 AM IST
सार

पीएफआई का हिंसक रूप सबसे पहले सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन में सामने आया था। जिसके बाद से इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाया गया था।

विज्ञापन
UP was the first state which demanded to ban the PFI.
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

वर्ष 2019 के दिसंबर महीने में सीएए-एनआरसी के खिलाफ लखनऊ समेत प्रदेश के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए। पुलिस की पड़ताल में कई जिलों में पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्यों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने पीएफआई के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान छेड़ दिया।

विज्ञापन


पीएफआई की गतिविधियों को देखते हुए यूपी के तत्कालीन डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने एक प्रस्ताव तैयार कराया, जो पीएफआई व उससे जुड़ी तमाम संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने का था। शासन ने यह प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया था। यूपी के बाद कर्नाटक व गुजरात सरकार ने भी पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश केंद्र को भेजी। इसके बाद अब केंद्र सरकार ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया है।
विज्ञापन


यूपी में पीएफआई की सक्रियता वर्ष 2010 से समय-समय पर सामने आती रहीं लेकिन सीएए-एनआरसी प्रदर्शन के दौरान पहली बार इस संगठन का हिंसक रूप सामने आया था। इसके बाद सितंबर 2020 में हाथरस में एक युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना के बाद जिले में कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो गई थी। इसी मामले में गिरफ्तार पीएफआई से जुड़ा एक पत्रकार सिद्दीक कप्पन और उसका साथी रऊफ लखनऊ जेल में बंद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाथरस कांड में पीएफआई की भूमिका की पड़ताल एसटीएफ को अहम जानकारी हाथ लगी। इसके बाद 16 फरवरी 2021 को बसंत पंचमी से ठीक पहले प्रदेश को सीरियल ब्लास्ट के  जरिए दहलाने की योजना बना रहे पीएफआई के दो सदस्यों को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र से गिरफ्तार कर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया था। लखनऊ से गिरफ्तार केरल निवासी अशद बदरुद्दीन और फिरोज खान ने प्रदेश के प्रमुख स्थानों पर धमाके की सिफारिश रची थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed