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यूपी: भाजपा प्रत्याशी नितिन अग्रवाल विधानसभा के उपाध्यक्ष बनें, सपा प्रत्याशी को हराया

Mon, 18 Oct 2021 04:29 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 18 Oct 2021 04:29 PM IST
सार

सपा विधायक नितिन अग्रवाल को यूपी विधानसभा का उपाध्यक्ष चुन लिया गया है। वह भाजपा के प्रत्याशी थे। विजेता का निर्णय मतदान के बाद हुआ।

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UP vidhansabha Deputy speaker election today.
जीत की घोषणा होने के बाद नितिन अग्रवाल। - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी विधानसभा उपाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा समर्थित सपा के बागी विधायक नितिन अग्रवाल विजयी रहे। सोमवार को हुए चुनाव में नितिन को 304 वोट मिले। वहीं, सपा उम्मीदवार नरेंद्र वर्मा को 60 मत प्राप्त हुए। 396 विधायकों में से 368 ने मताधिकार का प्रयोग किया। भाजपा उम्मीदवार को मिले तीन और सपा उम्मीदवार के एक मत सहित कुल चार मत खारिज हुए। बसपा और कांग्रेस ने चुनाव का बहिष्कार किया। चुनाव में भले ही नितिन भारी बहुमत से जीते हैं, लेकिन 46 वोटों के दम पर मैदान में उतरी सपा ने 60 वोट हासिल कर चौंका दिया है।

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बसपा और कांग्रेस के बहिष्कार और सपा के विरोध के बीच विधानसभा मंडप में दोपहर 12 बजे मतदान शुरू हुआ। पहला मत कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने डाला। दोपहर 3.50 बजे विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण ने नितिन अग्रवाल को उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने नितिन को बधाई देते हुए कहा कि नितिन के अनुभव का लाभ सदन को मिलेगा।
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सपा को 15 मत ज्यादा मिले
सपा के 49 विधायकों में से प्रसपा अध्यक्ष एवं सपा विधायक शिवपाल यादव, पार्टी से निष्कासित हरिओम अनुपस्थित रहे। जबकि नितिन अग्रवाल खुद भाजपा समर्थित उम्मीदवार थे। ऐसे में नरेंद्र वर्मा को 46 वोटों के सापेक्ष 15 वोट ज्यादा मिले। सपा का एक वोट खारिज हो गया, जबकि 60 वैध मत मिले।

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भाजपा के 15 विधायकों ने नहीं किया मतदान

भाजपा समर्थित नितिन को 304 मत मिले। विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या भी 304 है, लेकिन उसके करीब 15 विधायक मतदान करने नहीं पहुंचे। भाजपा के तीन वोट खारिज भी किए गए। हालांकि अपना दल (एस) के विधायकों सहित बसपा के एक, कांग्रेस के दो बागी विधायकों ने भाजपा का खुलेआम समर्थन किया है। तीन निर्दलीयों का समर्थन भी भाजपा को मिला।

28 विधायक अनुपस्थित
उपाध्यक्ष चुनाव में बसपा के सात, कांग्रेस के पांच, सुभासपा के एक (ओमप्रकाश राजभर) और भाजपा के करीब 15 विधायक अनुपस्थित रहे।

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