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UP News: अंबेडकर के अपमान के मुद्दे पर सपा का सदन में जोरदार हंगामा, शोर-शराबे के बीच निपटाए गए विधायी कार्य
Thu, 19 Dec 2024 07:16 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 19 Dec 2024 07:16 PM IST
सार
अनुपूरक बजट बगैर चर्चा के पारित करना पड़ा। सदन अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दी गई। पूरी कार्यवाही के दौरान सपा सदस्य वेल में नारेबाजी करते रहे। विपक्ष ने प्रश्नकाल नहीं चलने दिया। कार्य स्थगन की सूचना देकर भी विपक्ष नहीं बोला।
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सपा सदस्य विधानसभा में बाबा साहेब की तस्वीर लेकर पहुंचे।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूपी विधानसभा में भी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के मुद्दे पर सपा ने बृहस्पतिवार को सदन में जोरदार हंगामा किया। शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हंगामे और शोर-शराबे की बीच ही सभी विधायी कार्य निपटाने के बाद सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। उधर अध्यक्ष के बार-बार अनुरोध के बाद भी सपा सदस्य वेल में खड़े होकर नारीबाजी करते रहे। इधर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना विधायी कार्य निपटाते रहे।
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सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा सदस्य डॉ. अंबेडकर की फोटो हाथ में लेकर वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा उनसे बार-बार अपनी सीट पर वापस जाने की अपील की गई, जिसे उन्होंने अनसुना कर दिया। सपा सदस्यों की नारेबाजी की वजह से प्रश्नकाल भी नहीं हो पाया। जबकि विधानसभा अध्यक्ष बार-बार प्रश्न लगाने वाले सपा विधायकों से अपने सवाल पूछने का अनुरोध करते रहे।
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सपा के पास हल्ला मचाने के अलावा कोई काम नहीं-सुरेश खन्ना
बृहस्पतिवार को करीब एक घंटे तक चली सदन की कार्यवाही के दौरान जय भीम, बाबा साहब का मिशन अधूरा-अखिलेश यादव करेंगे पूरा, बाबा साहब का अपमान-नहीं सहेगा हिंदुस्तान जैसे तमाम नारे गूंजते रहे। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सपा के पास हल्ला मचाने के अलावा कोई काम नहीं है।
डॉ. अंबेडकर का सबसे ज्यादा सम्मान भाजपा और एनडीए ने किया है। उनसे जुड़े सभी महत्वपूर्ण स्थलों को चिन्हित कर पीएम मोदी ने पंचतीर्थ की स्थापना की। डॉ. अंबेडकर के संविधान के मुताबिक पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताएं और कार्यशैली रहती है। इन लोगों ने तो संविधान की प्रस्तावना को ही बदल दिया था, जो नामुमकिन था। ये लोग सदन को चलने नहीं देना चाहते हैं।
राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे बाबा साहब के नाम का इस्तेमाल : महाना
सदन में जारी प्रदर्शन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना लगातार सपा सदस्यों से अपनी सीट पर जाने की अपील करते रहे। इसे अनसुना करने पर उन्होंने कहा कि आप बाबा साहब के नाम का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। उनकी फोटो लेकर इस तरह प्रदर्शन करना संविधान की भावना के विपरीत है।
डॉ. अंबेडकर ने भी कहा था कि सदन में केवल जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा-परिचर्चा होनी चाहिए। आप लोग प्रदेश हित में आपस जाकर किसानों, नौजवानों, कानून-व्यवस्था आदि के बारे में सवाल करें। वहीं कुछ सपा सदस्यों के इस बीच सदन से बाहर जाने पर उन्होंने चुटकी लेते हुए बाकियों से कहा कि इस आचरण से व्यथित होकर आपके साथी बाहर चले गए हैं। वह सपा सदस्यों द्वारा फोटो को उल्टा पकड़ने, मोड़ने पर भी लगातार टोकते रहे।
नेता विपक्ष तो पूरे विपक्ष के नेता हैं-विधानसभा अध्यक्ष
कांग्रेस सदस्य आराधना मिश्रा मोना अपना सवाल पूछना चाहती थीं, लेकिन शोरगुल की वजह से उनकी आवाज दब गई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नेता विपक्ष तो पूरे विपक्ष के नेता हैं। आप उनके पास जाकर यह हंगामा बंद कराने को बोलिए। आराधना ने इसका प्रयास भी किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।नहीं हो सका प्रश्नकाल
विधानसभा अध्यक्ष प्रश्नकाल में सपा सदस्यों से सवाल पूछने का अनुरोध करते रहे। उन्होंने सवाल पूछने वाले सारे सदस्यों के नाम लिए, लेकिन कोई वेल से टस से मस नहीं हुआ। जिसके बाद उन्होंने कहा कि यह मान लिया जाता है कि सपा सदस्य सरकार के जवाब से संतुष्ट हैं।
इतना ही नहीं, सपा सदस्य नियम 56 के तहत कार्य स्थगन पर भी नहीं बोले, जबकि अध्यक्ष सभी को सुनने को तैयार थे। हंगामे की वजह से अनुपूरक बजट पर चर्चा भी नहीं हो सकी। वहीं महाकुंभ के आयोजन की तैयारियों के बारे में पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने सदन को अवगत कराया।