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यूपी विधान परिषद चुनाव: भाजपा को दस और सपा को मिल सकती हैं तीन सीटें
Sat, 24 Feb 2024 12:32 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 24 Feb 2024 12:32 AM IST
सार
यूपी विधान परिषद के चुनाव में एक सीट पर जीत के लिए 29 वोटों की जरूरत होगी। भाजपा में कई नेताओं के टिकट कटने तय हैं। भाजपा को दस और सपा को तीन सीटें मिल सकती हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूपी विधान परिषद की 13 सीटों पर होने वाले चुनाव में भाजपा को दस और सपा को तीन सीट मिल सकती हैं। भाजपा के पास 288 और सपा के पास 108 वोट हैं। एक सीट के लिए चुनाव में 29 वोट की आवश्यकता होगी, ऐसे में भाजपा दस सीटें जीत सकती है जबकि सपा को तीन सीट आसानी से मिल जाएगी।
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इनका कट सकता है टिकट
विधान परिषद में भाजपा के सदस्य बुक्कल नवाब, सरोजनी अग्रवाल, निर्मला पासवान, अशोक धवन का टिकट कटना लगभग तय है। परिषद में भाजपा के सदस्य यशवंत ने स्थानीय निकाय क्षेत्र विधान परिषद चुनाव में आजमगढ़ क्षेत्र से अपने बेटे विक्रांत सिंह को भाजपा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ाया था। विक्रांत सिंह चुनाव जीत गए और भाजपा चुनाव हार गई थी। उसके बाद से पार्टी नेतृत्व यशवंत से नाराज चल रहा है। ऐसे में यशवंत को दोबारा टिकट मिलने में भी संशय है। वहीं डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, विजय बहादुर पाठक, विद्यासागर सोनकर, अशोक कटारिया को दोबारा टिकट मिल सकता है। अपना दल एस के आशीष पटेल का भी परिषद का सदस्य निर्वाचित होना तय है। पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन के हिसाब से प्रत्याशी चयन करेगी। पार्टी के पास करीब 35 ऐसे दावेदारों की सूची है, जिन्हें समायोजित किया जाना है, उन्हीं में से अधिकांश प्रत्याशी तय होंगे।
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...तो बसपा मुक्त हो जाएगा उच्च सदन
विधान परिषद में बसपा के एक मात्र सदस्य डॉ. भीमराव आंबेडकर हैं। उनका कार्यकाल 5 मई को समाप्त हो रहा है। विधान सभा में बसपा के एक मात्र विधायक उमाशंकर सिंह हैं। ऐसे में बसपा के पास नामांकन दाखिल करने के लिए भी पर्याप्त सदस्य नहीं हैं।
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बसपा उसी स्थिति में प्रत्याशी मैदान में उतार सकेगी जब उसका भाजपा या सपा के साथ कोई गठबंधन हो। यदि बसपा का भाजपा के साथ गठबंधन नहीं हुआ तो उच्च सदन बसपा मुक्त हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि परिषद में कांग्रेस का भी एक भी सदस्य नहीं हैं। अब केवल भाजपा, सपा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक, निषाद पार्टी, अपना दल (एस), शिक्षक दल गैर राजनीतिक और निर्दलीय सदस्य रहेंगे।