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यूपी: अंतरदेशीय मछली पालन में यूपी को पहला स्थान, प्रदेश में मछली व बीज उत्पादन में भी हुई है वृद्धि

Sun, 19 Nov 2023 09:25 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 19 Nov 2023 09:25 AM IST
सार

मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने शनिवार को लोकभवन में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के निर्देशन व सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने व पालकों की आय बढ़ाने के प्रयास का असर दिखने लगा है।

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UP: UP ranks first in inland fish farming
fish farming - फोटो : iStock

विस्तार

 उत्तर प्रदेश ने अंतरदेशीय मछली पालन (मैदानी क्षेत्र) में पहला स्थान प्राप्त किया है। विश्व मत्स्य पालन दिवस के अवसर पर मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से प्रदेशों की रेटिंग जारी की गई है। उत्तर प्रदेश को यह अवार्ड अहमदाबाद में विश्व मत्स्य पालन के अवसर पर 21-22 नवंबर को आयोजित ग्लोबल फिशरीज कॉन्फ्रेंस में दिया जाएगा।
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मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने शनिवार को लोकभवन में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के निर्देशन व सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने व पालकों की आय बढ़ाने के प्रयास का असर दिखने लगा है। प्रदेश में पिछले साढ़े छह वर्षों में मत्स्य पालन और उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है।
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पिछले साल जहां प्रदेश में मत्स्य उत्पादन 8.09 लाख मीट्रिक टन था, वहीं इस साल अब तक 9.15 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन किया है। पिछले साल की तुलना ने इस बार विभाग ने मत्स्य बीज उत्पादन में भी वृद्धि की है। पिछले साल 27,128 लाख मीट्रिक टन मत्स्य बीज उत्पादन था, वहीं इस बार अब तक 36,187 लाख मीट्रिक टन हुआ है। प्रदेश में पीएम मत्स्य सम्पदा योजना के तहत 31 योजनाओं में अब तक 15282.5 लाख की राशि लाभार्थियों को दी जा चुकी है।
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68 जिलों की नदियों में छोड़ी जा रही मछलियां
मंत्री ने बताया कि पहले प्रदेश के 12 जिलों की नदियों में छोटी मछलियां छोड़ी जाती थीं, वहीं वर्तमान में 68 जिलों की नदियों में छोटी मछलियां छोड़ी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 1,16,159 मत्स्य पालकों को मछुआ दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिया गया है। इसमें हादसे में जान गंवाने वाले मत्स्य पालकों को 5 लाख, दिव्यांग होने पर 2.5 लाख और घायल होने पर 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।


चंदौली में बन रहा अल्ट्रा मॉडर्न फिश मॉल
प्रदेश को मत्स्य पालन का हब बनाने के लिए चंदौली में 62 करोड़ की लागत से अल्ट्रा मॉडर्न फिश मॉल का निर्माण किया जा रहा है। वहीं इस साल अब तक 14,021 मत्स्य पालकों के 10772.77 लाख के कर्ज स्वीकृत किए गए हैं। विभाग की ओर से 1500 से अधिक मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण दिया गया है। अन्य प्रदेशों में भी प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी चल रही है।
 
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