फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Three sentenced to 20 years in gang rape of a teenager, court imposed a fine of 40-40 thousand rupees

यूपी : किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म में तीन को 20 वर्ष की सजा, कोर्ट ने लगाया 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड

Thu, 02 Sep 2021 07:14 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबेडकरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबेडकरनगर Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 02 Sep 2021 07:14 PM IST
सार

मामला अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2012 का है। कोतवाली में दर्ज कराए केस में वादी ने कहा कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ गांव के बाहर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

विज्ञापन
UP: Three sentenced to 20 years in gang rape of a teenager, court imposed a fine of 40-40 thousand rupees
Gangrape

विस्तार

सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट आशीष वर्मा ने तीन अभियुक्तों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्तों पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। आदेश में कहा गया कि पॉक्सो एक्ट के तहत लगाए गए अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को प्रदान की जाए।

विज्ञापन


मामला अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2012 का है। कोतवाली में दर्ज कराए केस में वादी ने कहा कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ गांव के बाहर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने मामले में विवेचना के बाद गांव के ही पुनील, निन्कू व आश्राराम के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इनमें से निन्कू व आज्ञाराम को जमानत मिल गई, जबकि मुख्य अभियुक्त पुनील की जमानत मंजूर नहीं हुई। इस बीच यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ।

विज्ञापन

 

अभियुक्तों की तरफ से अधिवक्ता ने कहा कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं है, जबकि विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो रामकृष्ण पांडेय डबलर ने मेडिकल रिपोर्ट व पीड़िता के बयान आदि तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कठोरतम निर्णय लिया जाना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

 

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो आशीष वर्मा ने सुनवाई के बाद तीनों अभियुक्तों को सामूहिक दुष्कर्म व लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी पाया। तीनों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आदेश में कहा गया कि अर्थदंड की इस रकम का पूरा भुगतान पीड़िता को कर दिया जाए। विशेष न्यायाधीश ने अन्य अपराधों में भी सजा सुनाते हुए 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। आदेश में कहा गया कि जेल में अब तक बिताई गई अवधि को सजा में शामिल माना जाएगा। इससे पहले रिहा चल रहे दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया, जहां से उन्हें बाद में जेल भेज दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed