यूपी: अब भी है मौका, कराएं गृहकर निर्धारण, ओटीएस का लें लाभ; इन भवनस्वामियों को नहीं देना पड़ेगा ब्याज
लखनऊ नगर निगम की ओटीएस योजना गृहकर निर्धारण न कराने वाले भवनस्वामियों के लिए बड़ा मौका है। 15 नवंबर तक आवेदन और 15 दिसंबर तक योजना का लाभ मिलेगा। करीब दो लाख मकान-दुकान मालिक गृहकर निर्धारण कराकर बकाया कर पर ब्याज माफी पा सकते हैं। योजना खत्म होने के बाद यह राहत नहीं मिलेगी।
विस्तार
उन भवनस्वामियों के लिए राहत की खबर है जो मकान बनाकर कई साल से रह तो रहे हैं लेकिन अभी तक नगर निगम में गृहकर निर्धारण नहीं कराया है। ऐसे लोग यदि अभी गृहकर निर्धारण करा लेंगे तो उन्हें ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) का पूरा फायदा मिलेगा और अन्य बकायेदारों की तरह ब्याज नहीं देना पड़ेगा। शहर में ऐसे मकानों की तादाद करीब दो लाख है।
गृहकर बकायेदारों के लिए नगर निगम में 15 अगस्त से शुरू हुई ओटीएस योजना 15 दिसंबर तक चलेगी लेकिन आवेदन 15 नवंबर तक ही लिए जाएंगे। इसका लाभ आवासीय, व्यावसायिक, सरकारी सहित सभी तरह की संपत्तियों के बकाया गृहकर व जलकर पर दिया जा रहा है। इसमें पूरा व्याज माफ किया जा रहा है। योजना में करीब ढाई लाख भवनस्वामी आ रहे हैं।
अभी नगर निगम बकाया गृहकर पर 15 प्रतिशत की दर से व्याज लेता है। यदि फिर भी टैक्स नहीं जमा करते हैं तो जो ब्याज लगता है वह मूल टैक्स में जोड़कर बकाया बना दिया जाता है और नए साल में उस पर ब्याज लगता है। यह चक्रवृद्धि व्याज की तरह चलता है।
वहीं, कई बार निगम कर्मचारी भी पीछे के वर्षों से गृहकर रिवाइज कर देते हैं। फिर इस पर भी उसी तरह व्याज भी लगा देते हैं। इसी तरह जो भवनस्वामी मकान बनाने के कई साल बाद गृहकर निर्धारण कराते हैं उनसे नगर निगम बकाया गृहकर पर व्याज लेता है। ऐसे में इनके लिए ओटीएस एक ने अच्छा मौका है।
इस तरह होगा गृहकर का निर्धारण
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि जो इलाके सीमा विस्तार के बद नगर निगम में आए हैं, यदि वहां के लोगों ने अपने मकान दुकान का गृहकर निर्धारण नहीं कराया है तो करा लें। इनसे साल 2020 से गृहकर लिया जाएगा।
यह निर्धारण वर्ष सीमा विस्तार वाले इलाकों के लोगों के लिए तय किया गया है, जिनके मकान सीमा विस्तार के पहले से ही बने हैं। जिनके मकान बाद में बने हैं उनका गृहकर निर्धारण तबसे होगा जब बिजली कनेक्शन लिया होगा। इसी तरह जो इलाके पहले से नगर निगम की सौमा में हैं, वहां पर भी जबसे बिजली कनेक्शन या रजिस्ट्री होगी तबसे गृहकर लिया जाएगा।
दो लाख लोग उठा सकते हैं फायदा
गृहकर कार्य से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि छह साल पहले हुए सामा विस्तार के बाद शहर में अभी करीब दो लाख मकान-दुकान ऐसे हैं, जिनका गृहकर निर्धारण नहीं हुआ है। अभी 7.68 लाख भवनस्वामी गृहकर दे रहे हैं। इनमें करीब एक लाख व्यावसायिक और पांच हजार सरकारी भवन हैं।
ओटीएस के बाद यह लाभ नहीं मिलेगा
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि 6 ओटीएस में उन भवनस्वामियों को भी फायदा मिलेगा जिनके मकान का गृहकर निर्धारण नहीं हुआ है। यदि वे ऐसा कराएंगे तो उन्हें भी योजना में शामिल किया जाएगा। ओटीएस के बाद यह लाभ नहीं मिलेगा।