फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: The pace of making AAP ID is not increasing, 47 percent still left; Effect of preparations for board exams

यूपी: नहीं बढ़ रही है अपार आईडी बनाने की गति, 47 प्रतिशत अभी भी बाकी; बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों का भी असर

Sun, 16 Feb 2025 07:40 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 16 Feb 2025 07:40 AM IST
सार

Apar ID creation: यूपी में अपार आईडी बनने की प्रक्रिया शिथिल हो गई। तकनीकी व अन्य वजहों से अभी तक पूरे प्रदेश में 53 फीसदी बच्चों की ही अपार आईडी बन सकी है। 
 

विज्ञापन
UP: The pace of making AAP ID is not increasing, 47 percent still left; Effect of preparations for board exams
अपार आईडी बनाने में आ रही हैं समस्याएं। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 शिक्षा मंत्रालय की पहल पर प्रदेश में स्कूली विद्यार्थियों की ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाने को लेकर चल रहा अभियान अपेक्षित नहीं पकड़ रहा है। तमाम कवायद के बाद भी अभी तक 54.27 फीसदी ही विद्यार्थियों की आईडी बन पाई है। जबकि 46.73 फीसदी छात्रों की अभी भी बनाया जाना बाकी है।

विज्ञापन


प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में पिछले कई महीनों से इसको लेकर अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी विद्यालयों में तो काफी विद्यार्थियों की आईडी बन गई लेकिन निजी विद्यालय तमाम प्रयास के बाद भी इसमें अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। इसकी वजह से इसकी गति काफी धीमी है। जबकि सीबीएससी बोर्ड की तरफ से भी विद्यालयों को इसके लिए पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन


प्रदेश स्तर पर हाल ही में जारी डाटा के अनुसार सर्वाधिक पेंडेंसी अभी भी कानपुर नगर से 68.33 फीसदी, मुरादाबाद से 59.56 फीसदी, आगरा से 59.56 फीसदी, बलिया से 57.31 फीसदी, मेरठ में 57.28 फीसदी, आजमगढ़ में 57.25 फीसदी, कन्नौज में 56.98 फीसदी, गाजीपुर में 55.95 फीसदी है। जबकि सबसे कम पेंडेंसी चित्रकूट में 27.43 फीसदी, पीलीभीत में 27.85 फीसदी, कौशांबी में 28.95 फीसदी, महोबा में 29.82 फीसदी, हमीरपुर में 31.74 फीसदी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पेंडेंसी में अपेक्षित सुधार न करने पर अब राज्य परियोजना कार्यालय इसके लिए सख्ती भी करने की तैयारी कर रहा है। क्योंकि निजी विद्यालयों में जब तक अपार आईडी बनाने की गति नहीं बढ़ेगी तब तक इसमें सुधार नहीं आएगा। वहीं शिक्षकों का यह भी कहना है कि काफी संख्या में शिक्षक-अधिकारी अब बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में लग गए हैं, इसकी वजह से भी अब आईडी बनाने की गति धीमी पड़ गई है। वहीं जो कमियां थीं, विभाग स्तर पर इसे दुरुस्त नहीं किया जा सका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed