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UP: नियमों के विपरीत प्रवक्ताओं को पदोन्नति मामले में प्रमुख सचिव तक पहुंची जांच की आंच, दी गई थी गलत पदोन्नति

Mon, 06 Apr 2026 11:03 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Mon, 06 Apr 2026 11:03 PM IST
सार

100 प्रवक्ताओं को गलत ढंग से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति मामले में जांच की आंच तत्कालीन प्रमुख सचिव और विशेष सचिव तक पहुंच गई है। इन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ इसी सप्ताह आगे की जांच शुरू हो सकती है।

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UP: The heat of the investigation in the matter of promotion of spokespersons
- फोटो : संवाद

विस्तार

समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में 100 प्रवक्ताओं को गलत ढंग से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति मामले में जांच की आंच तत्कालीन प्रमुख सचिव और विशेष सचिव तक पहुंच गई है। प्राथमिक जांच में निदेशालय के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी जिम्मेदार ठहराए गए हैं। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, इसी सप्ताह इन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आगे की जांच शुरू हो सकती है।

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समाज कल्याण विभाग 101 सर्वोदय विद्यालयों (आश्रम पद्धति) को संचालित कर रहा है। वर्ष 2024 में इन विद्यालयों में कार्यरत 100 प्रवक्ताओं को 4800 रुपये ग्रेड पे से सीधे 7600 रुपये ग्रेड पे प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति दे दी गई। जबकि, 24 नवंबर 2023 को अपर मुख्य सचिव, वित्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय हो चुका था कि प्रवक्ता एवं प्रधानाचार्य (इंटर अनुभाग) के मध्य उप प्रधानाचार्य का पद सृजित कराकर पदोन्नतियां की जाएं। 4800 रुपये और 7600 रुपये ग्रेड पे के बीच दो ग्रेड पे (5400 और 6600 रुपये) और होते हैं। इसके बाद भी नियमविरुद्ध पदोन्नति का प्रस्ताव आगे बढ़ा दिया है।
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कार्रवाई तय: मामले में समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक व योजना प्रभारी जे. राम के खिलाफ पहले ही उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के तहत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही शासन ने तत्कालीन प्रमुख सचिव और विशेष सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए नियुक्ति विभाग को पत्र भेज दिया है। मामले में उच्चस्तर से आगे की कार्यवाही होना तय माना जा रहा है। इतना ही नहीं, सूत्रों के मुताबिक समाज कल्याण विभाग और जनजाति कल्याण विभाग में की गईं अन्य पदोन्नतियों पर भी उच्चस्तर से नजर रखी जा रही है।

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