यूपी: लखनऊ में सस्ते फ्लैट लेने का सपना होगा पूरा, आवास विकास में ऐसे मिलेंगे 11 हजार घर; मिलेगी 40 फीसदी छूट
Lucknow Awas Vikas: लखनऊ में सस्ते फ्लैट लेने का सपना अब पूरा हो सकेगा। आवास विकास जल्द ही 11 हजार फ्लैटों के लिए पंजीकरण खोलेगा।
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आवास विकास प्रदेश भर में खाली पड़े करीब 11 हजार फ्लैटों को बेचने के लिए सितंबर में पंजीकरण खोलेगा। इनमें करीब 2500 फ्लैट लखनऊ की विभिन्न योजनाओं में खाली हैं। अन्य शहरों में खाली फ्लैटों को बेचने के लिए 40 फीसदी तक छूट रहेगी लेकिन लखनऊ में कोई छूट नहीं मिलेगी। आवास विकास परिषद की मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
परिषद के सचिव नीरज शुक्ला ने बताया कि मांग को देखते हुए फ्लैटों पर छूट दी जाएगी। यह छूट 40 प्रतिशत तक हो सकती है। उन्होंने बताया कि लखनऊ की अवध विहार, वृंदावन और मुन्नू खेड़ा योजनाओं में करीब 2500 फ्लैट खाली हैं। यहां पर छूट नहीं दी जाएगी, पर एकमुश्त पैसा जमा करने पर पांच फीसदी की छूट दी जाएगी।
गबन और अवैध निर्माण के दोषी अभियंताओं पर होगी कार्रवाई
परिषद के सचिव नीरज शुक्ला ने बताया कि प्रयागराज में तैनाती के दौरान जेई नारायण प्रसाद ने ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए 41 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान किया लेकिन उसकी कटौती बिल से नहीं की गई। जांच में इंजीनियर दोषी पाया गया। यह मामला 2017 का है और 2021 में नारायण रिटायर हो गए। अब उनके खिलाफ जांच होगी। ऐसे ही अधिशासी अभियंता सुनील कुमार सिंह ने गाजियाबाद में तैनाती के दौरान अवैध निर्माण में बिल्डरों की मदद की। गाजियाबाद में तैनाती के दौरान जेई दिनेश पाल सिंह ने भी अवैध निर्माण को बढ़ावा दिया। जांच के बाद दोनों सेवानिवृत्त अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
बांदा और चित्रकूट में शुरू होंगी आवासीय योजनाएं
आवास विकास परिषद बांदा और चित्रकूट में दो नई आवासीय योजनाएं लांच करेगा। इन योजनाओं से करीब एक लाख लोगों को आवासीय सुविधा मिलेगी। परिषद के सचिव ने बताया कि बांदा के मवई बुजुर्ग गांव की करीब 338 एकड़ जमीन पर आवासीय योजना लाई जाएगी। यहां 9500 से ज्यादा प्लॉट बनाए जाएंगे। चित्रकूट में यह योजना करीब 160 एकड़ जमीन पर लाई जा रही है। योजना में ग्राम चकला राजरानी और अहमदगंज गांव की जमीन ली जा रही है। इसमें करीब 4000 भूखंड बनेंगे। दोनों योजनाएं करीब एक साल में पूरी होंगी।
ये प्रस्ताव भी अहम
आशुलिपिक और बाबू के लिए टंकण टेस्ट में प्रति शब्द सीमा शासन ने कम की है। यह व्यवस्था परिषद में भी लागू होगा। इसमें आशुलिपिक के लिए 100 के बजाय 80 शब्द और बाबू के लिए 30 के बजाय 25 शब्द प्रति मिनट टाइप करना होगा।
वाराणसी की जीटी रोड बाईपास योजना के लिए जमीन खरीदने की मंजूरी बोर्ड ने दी है। यह योजना साल 2012 में पास हुई थी मगर रुकी थी। यह योजना करीब 1500 एकड़ की है। इस पर 3158 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उन्नाव भूमि विकास विकास एवं गृहस्थान योजना संख्या तीन में जमीन खरीदने को मंजूरी बोर्ड ने दी है। यह योजना में दो साल पुरानी है। इस योजना के लिए गांव गदनखेड़ा व सिंगरौसी की करीब 470 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। इस पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे।