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यूपी: तबादले न होने से शिक्षकों में नाराजगी, 2011 के बाद से शहरी क्षेत्र में नहीं हुआ है टीचरों का समायोजन
Sun, 24 May 2026 06:51 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 24 May 2026 06:51 PM IST
सार
Teachers in UP: 2011 के बाद नगर क्षेत्रों में कोई भी समायोजन नहीं किया गया है। जिससे नगर में शिक्षकों की काफी कमी हो गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावित हो रहा है।
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प्राइमरी शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षको में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में तबादला प्रक्रिया न शुरू करने से नाराजगी है। शिक्षकों का कहना है दूरस्थ जिलों में कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन आकांक्षी जिलों में तैनात शिक्षकों के ट्रांसफर न होने से वह अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं।
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यहां के शिक्षक जिले के अंदर दूरस्थ ब्लॉकों में तैनात हैं और अपने घर के पास तबादले की मांग कर रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो शिक्षक कई वर्षों से कार्यरत हैं शिक्षकों को नगर क्षेत्र के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरण करना चाहिए।
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2011 के बाद नगर क्षेत्रों में कोई भी समायोजन नहीं किया गया है। जिससे नगर में शिक्षकों की काफी कमी हो गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावित हो रहा है।उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के नगर क्षेत्र के विद्यालयों में लगभग 10 हजार पदों पर भर्ती की सूचना से ग्रामीण क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में कई साल से कार्यरत शिक्षकों को काफी निराशा हुई है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांग हैं कि नगर क्षेत्र के विद्यालयों में सीधी भर्ती की जगह इन पदों पर ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार शिक्षक व महिला शिक्षकों को प्राथमिकता पर विकल्प देकर समायोजित किया जाए। साथ ही अन्य शिक्षकों को भी वरिष्ठता के आधार पर अवसर दिया जाए। इसके बाद सीधी भर्ती से नियुक्त शिक्षकों को ब्लॉकों में नियुक्ति दी जाए।