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यूपी: प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़े, डेढ़ सौ पहुंचा आंकड़ा,अकेले लखनऊ में मिले 83 केस, दिए गए ये निर्देश
Fri, 06 Sep 2024 02:33 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 06 Sep 2024 02:33 PM IST
सार
Swine flu in UP: प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखते ही तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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स्वाइन फ्लू (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश में 15 दिन में स्वाइन फ्लू के 15 मरीज मिले हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखते ही तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। 31 अगस्त तक प्रदेश में कुल 150 मरीज मिल चुके हैं। तीन मरीजों की मौत भी हो चुकी है। आमतौर पर स्वाइन फ्लू के मरीज तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव होने से सामने आते हैं। विदेश से आने वाले लोगों से भी इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन इस वर्ष स्वाइन फ्लू के मरीजों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तंत्र को सक्रिय किया है।
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विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक 15 अगस्त तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 135 मरीज थे, जो 31 अगस्त तक बढ़कर 150 हो गए हैं। इसमें सर्वाधिक 83 मरीज लखनऊ के हैं। मेरठ में 23, हापुड़ में 7 और अन्य जिलों में एक से चार तक मरीज मिले हैं। केजीएमयू मेडिसिन विभाग के डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है। इलाज की पुख्ता व्यवस्था है। बुखार, खांसी, गले में खरास, शरीर में तेज दर्ज की समस्या हो तो चिकित्सक की सलाह लेकर जांच जरूर कराएं।
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दांत के इलाज में लापरवाही पर डॉक्टर पर केस
दांत के रूट कैनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी ) में डॉक्टर देवेश तिवारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता ने सर्वेश मिश्रा जानकीपुरम थाने में कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कराया है। जानकीपुरम विस्तार सेक्टर तीन निवासी अधिवक्ता सर्वेश के मुताबिक, क्लीनिक गायत्री डेंटल इम्प्लांट एंड फेस ट्राॅमा सेंटर में डॉ. देवेश ने दांतों की बीमारी हमेशा के लिए खत्म करने का दावा किया था। इसके लिए 50 हजार रुपये लिए थे।
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